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Wednesday, March 4, 2026
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Cyber Crime: E-mail पर फेक वॉयसमेल भेजकर पैसे ठगने का हैकर्स का नया तरीका; जाने कैसे करें बचाव

New Delhi: साइबर क्राइम में पिछले 18 दिनों में 1000 हमले सामने आए हैं। इस बार स्कैमर्स ने लोगों से पैसा ठगने के लिए नई टैक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इंटरनेट और डिजिटल के जमाने में देश एक तरफ जहां तरक्की की सीढ़ियों पर चल रहा है। वहीं दूसरी ओर साइबर क्राइम से जुड़े मामलों में तेजी देखने को मिली है। स्कैमर्स ने अब लोगों से पैसे ठगने का नया तरीका निकाल लिया है। इसके अनुसार, कामकाजी लोगों को टारगेट बनाकर उन्हें E-mail पर फेक वॉयसमेल भेज कर मोटी रकम निकलवाते हैं।

18 दिनों में स्कैमर्सों ने 1000 हमले किए

रिसर्चरों की चेक प्वाइंट हार्मनी E-mail नामक शोध टीम ने Hackread.com के साथ एक रिपोर्ट साझा की है। जिसमें बताया गया है कि पिछले 18 दिनों में स्कैमर्सों ने 1000 हमले करके लोगों को ऑनलाइन ठगा है। इस बार स्कैमर्स ने सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करके लोगों से ठगबाजी की है।

स्कैमर्स ने किसको बनाया टारगेट?

इस बार स्कैमर्स ने उन लोगों को टारगेट बनाया जो कॉरपोरोट से जुड़े हैं। इसका मुख्य कारण ये है कि कॉरपोरोट सेक्टर में काम कर रहे लोग सबसे ज्यादा प्रयोग E-mail का करते हैं। साथ ही E-mail पर ही अहम सूचना या डाटा मौजुद होता है, स्कैमर्स इस बात को भली-भांति जानते हैं कि उनके चुने गए टारगेट भेजे गए E-mail पर फेक वॉयसमेल को जरुर चेक करेंगे।

कैसे करते हैं ठगबाज?

साइबर अपराधी कॉरपोरेट फोन सिस्टम के E-mail सर्वर से लिंक भेजकर लोगों से ठगबाजी करते हैं। इसके लिए स्कैमर्स एक E-mail भेजते हैं उसमें वॉयसमेल प्लेबैक में मैलिशियस लिंक एम्बेड किया जाता है, वॉयसमेल प्लेबैक MP3 के रुप में होता है। जैसे ही यूजर इस वॉयसमेल प्लेबैक को ऑन करेगा तभी क्रेडेंशियल हार्वेस्टिंग का पेज खुल जाता है। सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से स्कैमर्स किसी को भी टारगेट कर सकते हैं। भेजे गए E-mail की सबजेक्ट लाइन पर फोन नम्बर लिखा होता है जिसे Google पर सर्च करने पर सही बताया जाता है।

इसके बाद स्कैमर्स कंडिशनल राउटिंग QR Code भेजते हैं, ये पुरा प्रोसेस डिवाइस बेस्ड होता है, जिसका केवल स्कैमर ही इस्तेमाल कर सकता है। स्कैमर द्वारा भेजा गया QR Code पेमेंट करते समय स्कैवयर शेप में बने QR Code जैसा ही होता है। हालांकि, असल में नाम का उपयोग केवल यूजर को गुमराह करने के लिए किया जाता है।

कैसे करें इससे बचाव?

1. इस तरह के E-mail, SMS और सोशल मीडिया पर आने वाले लिंक को ऑपन करने ले बचें।

2. आप इस तरह के स्कैम से बचने के लिए भेजे गए लिंक को ऑपन न करके डिलीट कर दीजिए। क्योंकि यूजर जबतक भेजे गए लिंक को ऑपन नहीं करेगा तबतक ऑनलाइन फिशींग को अनजाम नहीं दे सकता।

3. किसी को भी OTP, ATM कार्ड का नम्बर, UPI पिन शेयर न करें।

4. इस तरह की धोखाधड़ी होने पर तुरंत पुलिस से शिकायत करें।

खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

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