Ram Mandir: रामलला के दर्शन करने उमड़ा भक्तों का सैलाब, रात के 2 बजे से लगी लंबी लाइन

New Delhi: अयोध्या में सोमवार को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा सम्पन्न हो गई है। आज के रामलला के कपाट सभी रामभक्तों के लिए खुल गए हैं। रामलला के दर्शन करने के लिए लगभग 5 लाख लोगों के आने का अपनुमान है।
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अयोध्या में रामलला अपने घर विराजमान हो गए हैं। सोमवार को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा पुरे रीति-रिवाज से सम्पन्न हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य यजमान की भूमिका निभाई और इस ऐतिहासिक श्रण की क्रांति शुरु हुई। आज 23 जनवरी से रामभक्तों के लिए रामलला के द्वार खोल दिए हैं। इस पल का रामभक्त वर्षों से इंतजार कर रहे थे। आज रामलला के दर्शन करने तकरीबन 5 लाख रामभक्तों के आने का इंतजार है। रात के 2 बजे से भक्तों की लंबी लाइन लगी हुई है।

सुरक्षा-व्यवस्था हुई सख्त

आज शाम को रामलला की महा आरती होगी जिसका लाखों लोग प्रमाण होंगे। सुरक्षा-व्यवस्था के लिए अयोध्या पुलिस की राम मंदिर के बाहर तैनाती हो गई है। आज से राम मंदिर के गेट खोलने से लाखों की भीड़ के आने की संभावना को देखते हुए प्रदेश की पुलिस सतर्क हो गई है और चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही है।

अबतक इतने लोगों ने किया दर्शन

सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच 10,000 लोगों ने मंदिर में प्रवेश किया। भक्तों का इतना सैलाब देखकर प्रशासन को भीड़ को रोकना असंभव सा हो गया है। कई जगहों पर पुलिस की बैरिकेड तोड़कर भक्त रामलला के दर्शन करने पहुंचे। अयोध्या में चारों ओर केवल 'जय श्री राम' के नारे गूंज रहे हैं।

प्राण-प्रतिष्ठा में कौन हुए शामिल

श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा के मुख्य यजमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चीफ डॉ मोहन भागवत, उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर-प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और पूजा विधि के लिए ब्राह्मण उपस्थित थे। श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए 8,000 से अधिक अतिथियों को आमंत्रित किया गया है।

राम विवाद नहीं समाधान हैं- पीएम

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कई लोग कहते थे कि राम मंदिर बना तो इस देश में आग लग जाएगा, ऐसे लोग भारत के परिपक्वता को नहीं जान पाए। मैं उन लोगों को कहना चाहूंगा कि आइए महसूस कीजिए राम आग नहीं ऊर्जा है। राम समाधान है। राम सबके हैं। राम सिर्फ वर्तमान नहीं, अनंत काल हैं। राम विवाद नहीं समाधान हैं। वह वर्तमान नहीं अनंतकाल हैं। वह भारत के आधार भी हैं और विचार भी हैं। प्रधानमंत्री ने आगे यह भी कहा कि यही समय है, सही समय है।

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