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Wednesday, March 4, 2026
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आतिशी से पहले दिल्ली की महिला मुख्यमंत्री रह चुकीं हैं ये दो महिलाएं, जानिए कितना लंबा चला था इनका कार्यकाल

दिल्ली की तीन महिला मुख्यमंत्रियों में से दो का उत्तर प्रदेश से खास कनेक्शन भी है। जानिए इनका कितना लंबा चला था कार्यकाल।

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली की जनता 5 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए वोट करेगी और अपना नया मुख्यमंत्री चुनेगी। फिलहाल दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी हैं जो देश की सबसे युवा मुख्यमंत्री हैं और दिल्ली तीसरी महिला मुख्यमंत्री हैं। उनसे पहले सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं।

दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं सुषमा स्‍वराज 

दिल्ली को पहली महिला मुख्यमंत्री 1998 में भाजपा नेता सुषमा स्वराज के रूप में मिली थीं। प्याज की बढ़ती कीमतों के चलते दिल्ली की बीजेपी सरकार भारी विरोध झेल रही थी। तब मुख्यमंत्री रहे साहिब सिंह वर्मा को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद सुषमा स्वराज को मुख्यमंत्री बनाया गया। सुषमा स्‍वराज का मुख्‍यमंत्री पद पर कार्यकाल सिर्फ 52 दिन का ही था, क्योंकि विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार मिली थी। साल 1993 में जहां बीजेपी ने 70 में से 49 सीटें जीती थीं, वहीं 5 साल बाद एंटी इंकम्बेंसी की वजह से सिर्फ 15 सीटें ही जीत सकी थी।

शीला दीक्षित ने 15 साल संभाली थी दिल्ली की सत्ता 

शीला दीक्षित दिल्ली की सत्ता पर लगातार 15 साल तक काबिज रहीं। उन्‍होंने लगातार तीन बार 1998 से 2013 तक दिल्ली का मुख्यमंत्री पद संभाला। बता दें कि शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को हुआ था। वे मूल रूप से पंजाब के कपूरथला की रहने वाली थीं, उनकी शादी उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में हुई थी। उनकी शादी विनोद दीक्षित के साथ हुई थी, जो कि आईएएस अधिकारी थे। शीला दीक्षित के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि दिल्ली की लाइफ लाइन यानी मेट्रो ट्रेन रही है। शीला दीक्षित साल 2014 में केरल की राज्यपाल बनी थीं। वे 11 मार्च 2014 से 4 सितंबर 2014 तक राज्यपाल रहीं। 20 जुलाई 2019 को 81 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया।

केजरीवाल के हटने के बाद आतिशी को बनाया गया था सीएम 

दिल्ली की तीसरी मुख्यमंत्री आप नेता आतिशी भी उत्तर प्रदेश की बहू हैं। आतिशी की शादी साल 2006 में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के आनंदपुर गांव के रहने वाले आईआईटी पास इंजीनियर प्रवीण सिंह से हुई थी। प्रवीण सामाजिक कार्यकर्ता हैं और लाइमलाइट से दूर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के पहले कार्यकाल में आतिशी तब शिक्षा मंत्री रहे मनीष सिसोदिया की एडवाइज़र थीं। दिल्ली के स्कूलों के कायापलट का क्रेडिट इन दोनों को जाता है।

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