back to top
18.1 C
New Delhi
Friday, March 20, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

दिल्ली में 15 दिनों में 800 लोग लापता! हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब

दिल्ली में लगातार बढ़ते लापता लोगों के मामलों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है जिससे मानवाधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संकट उभर रहा है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजधानी दिल्ली में लापता लोगों की बढ़ती संख्या ने चिंता की लकीर खींच दी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस से इस मामले में उनका पक्ष मांगा है। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने अदालत में यह भी पूछा कि क्या इसी तरह की कोई याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी, 2026 को निर्धारित की गई है।

राजधानी दिल्ली में लोगों के लापता होने का आंकड़ा

राजधानी दिल्ली में जनवरी 1 से 15 तक 2026 के बीच 807 लोगों के लापता होने का आंकड़ा सामने आया है, जिसे लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक हित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका NGO Freedom Reclaimed की ओर से दाखिल हुई है, जिसमें इसे एक अभूतपूर्व मानव संकट बताया गया है।

यह याचिका NGO फ्रीडम रिक्लेम्ड की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि 2026 के पहले 15 दिनों में ही दिल्ली में 800 से ज्यादा लोग लापता हो गए। याचिकाकर्ता ने इसे एक अभूतपूर्व संकट बताते हुए संविधान के आर्टिकल 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जीवन के अधिकार के उल्लंघन के रूप में देखा है।

दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप

याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस की जांच और रोकथाम की व्यवस्था में ढीलापन है, जिससे मानव तस्करी और संगठित अपराध जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, साल 2016 से 15 जनवरी, 2026 तक कुल 2,32,737 लोग लापता हुए हैं, जिनमें से 52,326 अब तक नहीं मिले। इनमें 6,931 बच्चे भी शामिल हैं। याचिका में यह आरोप लगाया गया कि लापता होने के शुरुआती ‘गोल्डन ऑवर’ को नजरअंदाज किया जाता है और FIR दर्ज करने में देरी होती है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने उच्च स्तरीय कमेटी बनाने आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आदेश दिया है कि, हर लापता व्यक्ति के मामले में सख्त नियमों का पालन किया जाए और इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाए, जो अस्पतालों में मौजूद अज्ञात मरीजों और मुर्दाघरों में रखे अज्ञात शवों के डेटा का नियमित मिलान करके लापता लोगों का पता लगाने में मदद करेगी, ताकि राजधानी में लापता होने वालों की संख्या कम की जा सके और उनके परिवारों को न्याय समय पर मिल सके।

18 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

इस कदम का उद्देश्य राजधानी में लापता होने वाले लोगों की संख्या को नियंत्रित करना और उनका जल्द पता लगाना है। 18 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई में कोर्ट यह तय करेगा कि केंद्र और राज्य सरकार इस संकट का समाधान कैसे करेंगे।

Advertisementspot_img

Also Read:

‘यह रोड मुसलमान के लिए नहीं है’ दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर विवादित संदेश, हिंदू रक्षा दल ने ली जिम्मेदारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर एक भड़काऊ संदेश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से हलचल मच गई है। वीडियो में...
spot_img

Latest Stories

दिव्यांका नाम का मतलब- Divyanka Name Meaning

Divyanka of Haksh / दिव्यांका नाम का मतलब :...

कौन हैं भगवान शिव? जानिए नाम, स्वरूप और शक्तियों से जुड़ी सारी जानकारी

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। भगवान शिव, जिन्हें महादेव, भोलेनाथ...

Special Recipe: नवरात्रि के नौ दिनों तक बनाए खास पकवान, व्रत में खा सकती हैं आसानी से

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) शुरू...

West Bengal Assembly Election 2026: कैसा रहा है Bahrampur Assembly Seat पर सियासी संग्राम, जानिए किसका रहा दबदबा

नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026...

Divyanka Tripathi ने कई महीने तक छुपाई प्रेग्नेंसी, अब बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस दिव्यांका...

जारी होने वाला है GATE 2026 का रिजल्ट, दाखिला लेने के लिए जान लें देश के Top 20 Engineering Colleges

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश के लाखों इंजीनियरिंग के छात्रों...