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Thursday, March 5, 2026
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Year Ender 2023: अच्छी-बुरी 6 घटनाएं, जिन्होंने इस साल पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया

New Delhi: 2023 खत्म होने वाला है और जल्द ही नए साल का आगाज होगा। 2023 में दुनिया भर में तमाम घटनाएं घटीं, कहीं वॉर हुआ तो वहीं कुछ देश हुए डिजास्टर के शिकार।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हर साल की तरह 2023 भी उचार-चढ़ाव से भरा रहा साल खत्म होने वाला है और जल्द ही नए साल का आगाज होगा। 2023 में  दुनिया भर में तमाम घटनाएं घटीं, कहीं वॉर हुआ तो वहीं कुछ देश हुए डिजास्टर के शिकार। देश और दुनिया में तमाम हलचल देखने को मिलीं। भारत समेत दुनियाभर में कई बड़ी घटनाएं हुईं हैं। साल बीतने से पहले हर खबर एक बार फिर आपको बताएंगे।

साल क सबसे बड़ा भूकंप का केंद्र बना

6 फरवरी 2023 को सीरिया और तुर्की की सीमा पर 7.8 की तीव्रता के भूकंप के झटके अनुभव किए गए। इसका केन्द्र अपेक्षाकृत उथला, निकटतम 18 किलोमीटर नीचे था, जिसके कारण से भूमि पर खड़ी इमारतों को गम्भीर क्षति पहुंचा। इस क्षेत्र में अरेबियन प्लेट उत्तर की ओर खिसक रही है और एनातोलियन प्लेट से इसका घर्षण हो रहा है। तुर्की और सीरिया में आए भूकंप के बाद इमारतों के मलबे से शवों के निकलने का सिलसिला जारी था। इस भूकंप ने तुर्की के कई शहरों के तबाह कर दिया है। इस आपदा में जिंदा बचे हुए कई लोग बेघर हो गए हैं। दोनों देशों में मलबे से 40 हजार से ज्यादा के शवों को निकाला जा चुका है।

टाइटन पनडुब्बी

टाइटैनिक के मलबे को देखने के लिए दुनिया के पांच अरबपति जून महीने की 18 तारीख को टाइटन पनडुब्बी में बैठकर समुद्र में उतरे थे। हालांकि, समुद्र में उतरने के 2 घंटे के बाद ही उनका कनेक्शन टूट गया। इसे ढूंढने के लिए अमेरिका, कनाडा, फ्रांस और ब्रिटेन के तट रक्षक जुट गए थे। इसी बीच 22 जून को घोषणा की कि पनडुब्बी फट गई है और उसमें सवार सभी 5 लोग मर गए हैं। वहीं अमेरिकी तट रक्षक ने जानकारी दी कि उन्होंने संभवतः टाइटन पनडुब्बी के मलबे से मानव अवशेष बरामद कर लिए हैं.

मलबे में मानव अवशेष शामिल

अमेरिकी तटरक्षक ने जानकारी दी कि वो मानव अवशेषों को अमेरिका वापस ला रहा है। टाइटन सबमर्सिबल के मलबे को जमीन पर वापस लाया गया। तटरक्षक बल ने कहा कि उसने समुद्र तल से मलबा और सबूत बरामद किए हैं। इस मलबे में मानव अवशेष भी शामिल है। इस दौरान अमेरिकी तटरक्षक प्रमुख कैप्टन जेसन न्यूबॉयर ने एक बयान में कहा कि मैं इस जरूरी सबूत को दोबारा से हासिल करने के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय और अंतर-एजेंसी के समर्थन के लिए आभारी हूं।

मिशन चंद्रयान-3

चंद्रयान-3 भारत का एक महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन था। 24 अगस्त, 2023 को ISRO के नवीनतम अपडेट के अनुसार, चंद्रयान 3 रोवर प्रज्ञान लैंडर से नीचे उतर गया है और भारत ने चंद्रमा पर सैर की है! भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश है। चंद्रयान-3 चाँद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने का भारत का दूसरा प्रयास था।  यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा 14 जुलाई, 2023 को 2.35 आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया और करीब 2 हफ़्ते बाद, यानी कि करीब 5 अगस्त को चंद्रयान 3 चन्द्रमा की कक्षा में प्रवेश किया। 

सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’

चंद्रयान-3 की सफलता के कुछ दिन बाद भारत ने 2 सितंबर को अपने पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’ को प्रक्षेपित किया। प्रक्षेपण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के रॉकेट पीएसएलवी से किया गया। सूर्य के अध्ययन के लिए ‘आदित्य एल-1’ को धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर ‘लैग्रेंजियन-1’ बिंदु तक पहुंचने में 125 दिन लगे। श्रीहरिकोटा से आदित्य-एल1 को लेकर इसरो के पीएसएलवी रॉकेट के उड़ान भरने के दौरान भीड़ ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।

इजरायल हमास युद्ध

इजरायल पर हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर को हमला किया जिसमें आतंकियों ने 1200 इजरायली नागरिकों का खुलेआम नरसंहार किया और 260 इजरायली समेत विदेशी नागरिकों को बंधक बना कर अपने साथ ले गई, ताकि युद्ध के समय बंधकों को सुरक्षा कवच बनाकर उनका प्रयोग बचाव के लिए किया जाए।

इजरायल पर हमास के हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति अभी है। इजरायल ने हमास को मिटा देने का ऐलान किया है। उसने ईरान पर भी आरोप लगाए हैं कि उसने लेबनान के हिज्बुल्ला और गाजा के हमास आतंकियों की मदद की है। इस सबके बीच इजरायल पर हमले की तारीख को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हर कोई इसकी तारीख के चयन को लेकर हैरान है। दरअसल, 7 अक्टूबर की तारीख का कनेक्शन 50 साल पहले हुए ऐसे ही एक हमले से है।इस बार हमास के हमले को भी उसी तारीख से जोड़कर देखा जा रहा है।

डीपफेक

क्या है डीपफेक? डीपफेक एक टेक्नोलॉजी है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है। इस टेक्नोलॉजी की मदद से किसी रियल व्यक्ति का फर्जी वीडियो का फिर ऑडियो बनाते हैं। इमसें मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दोनों टेक्नोलॉजी की मदद ली जाती है। आईटी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को डीपफेक से जुड़े निर्देश दिए हैं। सरकार ने डीपफेक को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सभी सोशल मीडिया मंचों को आईटी नियमों का पालन करने की सलाह जारी की है।

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