नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 21 जनवरी की शाम जब दिल्ली की सर्दी से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे थे, तभी सिरसपुर के राणा पार्क में एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को सुन्न कर दिया। 17 साल के एक किशोर को घेरकर सरेराह चाकुओं से गोद दिया गया। लेकिन हत्यारे यह भूल गए कि दिल्ली पुलिस की नजरों से बच निकलना अब मुमकिन नहीं है। पुलिस ने महज 4 घंटे के अंदर इस सनसनीखेज केस का पर्दाफाश कर दिया है।
वारदात का वो काला मंजर
तारीख 21 जनवरी, समय शाम के करीब 7:30 बजे। सिरसपुर का राणा पार्क जहाँ मृतक अपने दोस्तों के साथ ठंड से बचने के लिए आग ताप रहा था। अचानक अजय उर्फ बिंदी और सनी उर्फ भतूरा जैसे अपराधियों की टोली वहां पहुंचती है। बिना किसी बहस या उकसावे के मारपीट शुरू कर दी जाती है।
लड़के ने अपनी जान बचाने की कोशिश की
लड़के ने अपनी जान बचाने की कोशिश की, दो वारों को चकमा भी दिया, लेकिन तीसरे हमलावर ने बेरहमी से उसके सीने के बाईं ओर पसलियों के बीच चाकू उतार दिया। अस्पताल पहुँचने से पहले ही उस मासूम की सांसें थम गईं।
कैसे पुलिस के जाल में फंसे हत्यारे?
सूचना मिलते ही आउटर-नॉर्थ जिला पुलिस और क्राइम टीम एक्शन में आई। पुलिस ने दोतरफा रणनीति अपनाई। घटनास्थल के आसपास के दर्जनों CCTV कैमरों को खंगाला गया।आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और पुराने रिकॉर्ड्स को ट्रैक किया गया।पूरी रात दिल्ली की गलियों में दबिश दी गई। नतीजा यह रहा कि सूरज की पहली किरण निकलने से पहले ही पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों के नाम किसी पेशेवर अपराधी की तरह हैं।
अजय उर्फ बिंदी
सनी उर्फ भतूरा
सूरज
राजू उर्फ बंगाली
एक नाबालिग आरोपी
इनमें से एक आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल मुख्य हथियार (चाकू) बरामद कर लिया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
यह मामला न केवल दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी को दर्शाता है, बल्कि यह भी चेतावनी देता है कि तकनीकी युग में अपराध कर भागना नामुमकिन है। अलाव के पास बैठे एक मासूम की हत्या ने समाज में पनप रही हिंसा पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।





