नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । राजधानी दिल्ली के जनकपुरी स्थित जोगिंदर सिंह मार्ग पर हुए सड़क हादसे ने निर्माण कार्यों की सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने गंभीरता से लिया और घटनास्थल का दौरा किया। निरीक्षण के दौरा उन्होंने स्थिति का जायजा लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए और सुरक्षा में चूक करने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
जांच में हुआ ये खुलासा
जानकारी के अनुसार, हादसे वाली जगह पर पिछले कई महीनों से सीवर लाइन का काम चल रहा था। जांच में पता चला कि इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग 6 मीटर लंबा, 4 मीटर चौड़ा और 4.25 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया था। जबकि कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी, फिर भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आए। खासकर खुदाई वाले क्षेत्र के आसपास दोपहिया वाहनों की आवाजाही जारी रहने से आम लोगों पर गंभीर खतरे की आशंका बनी हुई थी।
लापरवाही पर कड़ा एक्शन, तीन इंजीनियर निलंबित
सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीर मानते हुए मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने तत्काल सख्त कदम उठाए हैं। मामले में कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को उनके पद से निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जिस एजेंसी के माध्यम से निर्माण कार्य कराया जा रहा था, उसकी भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है। दोष सिद्ध होने की स्थिति में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने सहित कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इधर, दिल्ली पुलिस ने भी घटना को लेकर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं दिल्ली जल बोर्ड ने एक विशेष उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो यह जांच करेगी कि चूक किस स्तर पर हुई और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए किन सुधारात्मक कदमों की जरूरत है।
जनता की सुरक्षा सर्वोपरि, लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस: मंत्री वर्मा
मंत्री प्रवेश वर्मा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदना और समर्थन के साथ खड़ी है। आम लोगों की जान की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की चूक को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि राजधानी में चल रहे सीवर, सड़क निर्माण और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी कार्यों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।




