नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । नए साल की शुरुआत में दिल्ली के लाखों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। राजधानी में 10 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ट्रैफिक ई-चालानों का निपटारा आसान और त्वरित तरीके से किया जाएगा। यह लोक अदालत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से राजधानी के सभी जिला अदालत परिसरों में लगेगी। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को छोटे ट्रैफिक उल्लंघनों से जुड़े लंबित चालानों और कानूनी झंझटों से मुक्ति दिलाना है।
जुर्माने में 50 प्रतिशत तक की कमी
लोक अदालत में केवल कंपाउंडेबल यानी समझौता योग्य मामलों पर ही सुनवाई होगी। ऐसे मामलों में जुर्माने में 50 प्रतिशत तक की कमी या कुछ परिस्थितियों में पूरी माफी भी मिल सकती है। हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनना, गलत पार्किंग, लेन बदलना, रेड लाइट जंप करना, तय सीमा में ओवर स्पीडिंग, पीयूसी सर्टिफिकेट न होना और कुछ सीमित मामलों में बिना लाइसेंस ड्राइविंग जैसे चालान लोक अदालत के दायरे में आएंगे। वहीं शराब पीकर वाहन चलाना, हिट एंड रन, नाबालिग द्वारा ड्राइविंग, खतरनाक रेसिंग या स्टंट, आपराधिक मामलों से जुड़े वाहन, दूसरे राज्यों के चालान और पहले से अदालत में लंबित गंभीर केस इसमें शामिल नहीं होंगे।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
लोक अदालत में शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। वाहन मालिकों को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट https://traffic.delhipolice.gov.in/notice/lokadalat
पर जाकर “लोक अदालत आवेदन” विकल्प चुनना होगा। यहां आवेदन फॉर्म में वाहन नंबर, चालान से जुड़ी जानकारी और व्यक्तिगत विवरण भरना जरूरी है। इसके साथ आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस और चालान की कॉपी भी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। आवेदन सबमिट करते ही एक टोकन नंबर ईमेल या एसएमएस के जरिए प्राप्त होगा। इसी टोकन नंबर के आधार पर 10 जनवरी को लोक अदालत में सुनवाई की जाएगी। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 9 जनवरी 2026 तय की गई है, इसलिए देरी करने वालों को मौका नहीं मिलेगा।
रजिस्ट्रेशन से पहले वाहन मालिक अपने लंबित ट्रैफिक चालान परिवहन मंत्रालय के ई-चालान पोर्टल https://echallan.parivahan.gov.in
पर लॉगिन करके देख सकते हैं। यहां वाहन नंबर या चालान नंबर डालते ही सभी पेंडिंग चालानों की पूरी जानकारी सामने आ जाती है, जिससे यह तय करना आसान हो जाता है कि कौन सा चालान लोक अदालत में निपट सकता है।
सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी सुनवाई
सुनवाई के दिन वाहन मालिक को अपने टोकन और अपॉइंटमेंट लेटर के साथ तय जिला अदालत परिसर जैसे तीस हजारी, कड़कड़डूमा, साकेत, द्वारका या रोहिणी पहुंचना होगा। आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, पीयूसी और चालान की प्रिंट कॉपी जैसे सभी मूल दस्तावेज साथ लाना जरूरी है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाली सुनवाई में जज या मध्यस्थ चालान की वैधता की जांच करेंगे और समझौते की स्थिति में मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन यदि कम किया गया जुर्माना तय होता है तो उसका भुगतान तुरंत करना होगा।
लोक अदालत से लाखों चालानों का हुआ निपटारा
पिछली लोक अदालतों का अनुभव काफी सकारात्मक रहा है। नवंबर 2025 में आयोजित लोक अदालत में दो लाख से अधिक ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया गया था, जिनमें करीब 70 प्रतिशत मामलों में जुर्माना माफ हुआ। ऐसे में अगर आपके भी ट्रैफिक ई-चालान लंबे समय से लंबित हैं, तो 10 जनवरी 2026 को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत उन्हें खत्म कराने का सुनहरा अवसर साबित हो सकती है।





