नए संसद भवन के उद्घाटन पर बोले गुलाम नबी, कहा - मैं विपक्ष के बहिष्कार के खिलाफ हूं, दिल्ली होता तो जरूर जाता

देश भर की कई विपक्षी पार्टियों के बहिष्कार के बीच गुलाम नबी ने कहा कि अगर मैं दिल्ली में होता तो नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में जरूर जाता।
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के प्रमुख गुलाम नबी आजाद
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के प्रमुख गुलाम नबी आजाद

नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज डेस्क। नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का विपक्ष की 21 पार्टियों ने बहिष्कार किया है। इन पार्टियों से गृह मंंत्री अमित शाह ने उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए कहा है। बहरहाल, ऐसे भी कई विपक्षी नेता हैं, जिन्होंने इसका समर्थन किया। इसमें कांग्रेस पार्टी के पूर्व कद्दावर नेता और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के प्रमुख गुलाम नबी आजाद का नाम शामिल है। देश भर की कई विपक्षी पार्टियों के बहिष्कार के बीच गुलाम नबी ने कहा कि अगर मैं दिल्ली में होता तो नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में जरूर जाता।

विपक्ष के बहिष्कार के खिलाफ हूं

गुलाम नबी आजाद से जब नए संसद भवन के उद्घाटन और उसके विरोध पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर मैं दिल्ली में होता तो नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में जरूर जाता। सरकार को रिकॉर्ड टाइम में बनाने कि लिए बधाई देता हूं। विपक्ष भी सरकार को बधाई देती, लेकिन वह बहिष्कार कर रहा है। मैं इस विवाद के खिलाफ हूं।

कांग्रेस के रहे हैं कद्दावर नेता

गुलाम नबी आजाद कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता रहे चुके हैं, उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से ही की थी। नबी को 1973 में भालेसा में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का सचिव बनाया गया था। इसके सात साल बाद 1980 में महाराष्ट्र से लोकसभा के सांसद चुने गए। गुलाब नबी की राजनीतिक पारी यही नहीं समाप्त हुई, उन्होंने इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह सरकार में कई अहम मंत्रालयों का पद भार संभाला था। इसके अलावा वो जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री भी रहे चुके हैं।

2022 में कांग्रेस से हुए अलग

गुलाम ने कांग्रेस के साथ अपना करीब 45 साल का राजनीतिक सफर 2022 में समाप्त कर दिया था। नबी ने कांग्रेस के अध्यक्ष के चुनाव कई अंदुरूनी नाराजगी के चलते इस्तीफा दिया था। इसके बाद नबी ने उसी साल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी का गठन किया। जिसके फिलहाल, वो अध्यक्ष हैं।

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