नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव की वोटिंग के दौरान आज बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस की छात्र इकाई (NSUI) ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) पर EVM में हेराफेरी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
नीली स्याही का मामला
NSUI का कहना है कि कई कॉलेजों में EVM पर ABVP उम्मीदवारों के नामों के आगे नीली स्याही के निशान पाए गए। उनका आरोप है कि ऐसा जानबूझकर किया गया ताकि मतदाता प्रभावित हों और वोटिंग की निष्पक्षता पर असर पड़े। NSUI ने DU प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का दावा है कि प्रशासन ABVP और RSS के दबाव में काम कर रहा है। इससे चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
NSUI उम्मीदवारों की नाराज़गी
NSUI उम्मीदवार जोसलिन नंदिता चौधरी और लवकुश भड़ाना ने कॉलेजों का दौरा कर इस मुद्दे पर चिंता जताई। उनका कहना है कि यह सब NSUI की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार को हराने की साजिश के तहत किया जा रहा है। NSUI ने विश्वविद्यालय चुनाव अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने और चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र लोकतंत्र की साख को गहरी चोट पहुंचेगी। क्या आप चाहेंगे कि मैं इसमें ABVP की आधिकारिक प्रतिक्रिया के लिए भी एक प्लेसहोल्डर डाल दूँ, ताकि जब उनका बयान आए तो सीधे इस आर्टिकल में जोड़ा जा सके। DUSU चुनाव 2025 के लिए ABVP से सचिव पद के उम्मीदवार कुणाल चौधरी को पूरी उम्मीद है कि वो इन चुनाव में जीत हासिल करेंगे. उन्होंने कहा, ‘इस बार ABVP 4-0 से जीतेगी। छात्रों का पूरा समर्थन ABVP के पास आ रहा है। वोटिंग के लिए स्टूडेंट आ रहे हैं, हालांकि, गर्मी के कारण संख्या कम है, हमने वादा किया है कि केंपस में फ्री वाई-फाई की व्यवस्था की जाए। मेट्रो पास की मांग हम करेंगे।





