भारत-चीन सीमा विवाद पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को फिर घेरा, कहा- इस मुद्दे को रखा जाए देश के सामने

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने सवाल उठाया कि हमारी सरकार 03 साल में 18 बार बॉर्डर टॉक्स कर चुकी है। जब कोई घुसपैठ नहीं हुई तो तीन साल से लगातार हो रही चर्चा की सच्चाई क्या है?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी

नई दिल्ली, हिन्दुस्थान समाचार। कांग्रेस ने मांग की है कि केन्द्र सरकार भारत-चीन सीमा विवाद पर स्थिति साफ करे। इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाए और स्थिति को देश के सामने रखा जाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते कांग्रेस मांग करती है कि भारत-चीन सीमा विवाद पर एक व्यापक चर्चा कर एक श्वेत पत्र जारी किया जाए कि पिछले तीन साल में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के ऊपर जो घटनाक्रम हुआ है उसकी सच्चाई क्या है ?

चीनी सैनिकों ने घुसपैठ कर भारत की सीमा में टेंट लगाने की कोशिश की

तिवारी ने कहा कि 03 साल पहले 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने गलवान की घटना के बाद सर्वदलीय बैठक में कहा था कि न कोई हमारी सीमा में घुसा है, न ही कोई पोस्ट दूसरे के कब्जे में है। पीएम मोदी का यह बयान एक दिन पहले विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के विपरीत था। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि गलवान की वारदात इस कारण से हुई थी कि चीनी सैनिकों ने घुसपैठ कर भारत की सीमा में टेंट लगाने की कोशिश की।

विदेश मंत्री के साथ एलएसी की परिस्थिति पर बात की

उन्होंने कहा कि 05 सितंबर 2020 को रक्षा मंत्री ने मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) मीटिंग के दौरान चीन के रक्षा मंत्री से ढाई घंटे तक चर्चा की। 11 सितंबर 2020 को मॉस्को में रशिया-इंडिया-चाइना ट्राइलेक्ट्रल में विदेश मंत्री ने चीन के विदेश मंत्री के साथ एलएसी की परिस्थिति पर बात की।

तीन साल से लगातार हो रही चर्चा की सच्चाई क्या है?

तिवारी ने सवाल उठाया कि हमारी सरकार 03 साल में 18 बार बॉर्डर टॉक्स कर चुकी है। जब कोई घुसपैठ नहीं हुई तो तीन साल से लगातार हो रही चर्चा की सच्चाई क्या है? उन्होंने केन्द्र सरकार से सवाल किया कि क्या ये सच है कि एलएली पर 65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स में से 26 पर भारतीय सेना गश्त नहीं कर पा रही है? क्या ये सच है कि बफर जोन हमारी सीमा के भीतर बने हैं? उन्होंने कहा कि चीन की ओर से एलएसी पर अतिक्रमण को रोकने के लिए भारत सरकार ने क्या किया। केन्द्र सरकार देश को बताए। तिवारी ने कहा कि देश की संसद और रक्षा मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति में एक बार भी चीन पर चर्चा क्यों नहीं हुई? एलएसी से जुड़े सवालों को संसद का सचिवालय एडमिट क्यों नहीं करता?

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