नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है। पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से सामने आई यह घटना न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि यह भी दिखाती है कि दबंगों के हौसले किस कदर बुलंद हैं। दिनदहाड़े एक कारोबारी परिवार के घर में घुसकर दबंगों ने ऐसी हैवानियत दिखाई, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया।
बाप-बेटे को निर्वस्त्र कर सरेआम पीटा
लक्ष्मी नगर के बैंक एन्क्लेव क्षेत्र में कुछ दबंग युवकों ने एक कारोबारी परिवार को निशाना बनाया। आरोप है कि 5 से 6 युवक जबरन घर में घुसे, परिवार के सदस्यों को घसीटते हुए बाहर निकाला और फिर बाप-बेटे को निर्वस्त्र कर सरेआम पीटा। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित कारोबारी राजेश गर्ग के घर इन दिनों शादी की तैयारियां चल रही थीं। घर में खुशियों का माहौल था, रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ था। लेकिन इसी बीच दबंगों की यह दरिंदगी उस खुशियों भरे माहौल को पल भर में दहशत और खौफ में बदल गई।
आरोपियों ने बेरहमी से पीटा
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दबंग युवक एक युवक को घर से खींचकर बाहर लाते हैं और सड़क पर उसके कपड़े उतरवाकर लात-घूंसों और जूतों से बेरहमी से पीटते हैं। पीड़ित रहम की गुहार लगाता रहा, लेकिन आरोपियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। आरोप है कि पिता को बेसमेंट में निर्वस्त्र कर पीटा गया, जबकि बेटे को सड़क पर घसीटकर मारपीट की गई और चेहरे पर जूते मारे गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के दौरान पुलिस मौके पर पहुंची, इसके बावजूद दबंग बेखौफ नजर आए। वीडियो में एक पुलिसकर्मी पीड़ित को उसकी पैंट लाकर देता दिखाई देता है, लेकिन किसी भी आरोपी को रोकने या मौके पर हिरासत में लेने की ठोस कोशिश नहीं दिखती। यही वजह है कि अब सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस की भूमिका को लेकर तीखे सवाल उठ रहे हैं।
क्या है पूरा विवाद?
घटना के बाद से पीड़ित कारोबारी परिवार सदमे में है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि मारपीट के बाद से उनके दोनों बेटे गायब हैं और उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। माता-पिता की हालत बेहद खराब है और परिवार लगातार भय के साए में जी रहा है।
पीड़ित राजेश गर्ग के मुताबिक, उन्होंने अपने मकान का बेसमेंट जिम चलाने के लिए आरोपियों को केयरटेकर के रूप में दिया था। यह समझौता प्रॉफिट-शेयरिंग के आधार पर हुआ था। शुरू में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी जिम के मुनाफे का हिस्सा देने से बचने लगे। आरोप है कि बाद में दबंगों की नीयत बदल गई और वे पूरे मकान पर कब्जा करने का दबाव बनाने लगे।
मुख्य आरोपी और उसके अन्य साथी फरार
पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने खुलेआम धमकियां देना शुरू कर दीं और अंततः इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित राजेश गर्ग ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उनका पूरा परिवार खतरे में है।
लक्ष्मी नगर थाना पुलिस ने इस मामले में घर में घुसने, मारपीट, गाली-गलौज और गंभीर चोट पहुंचाने जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने अब तक केवल एक आरोपी पिंटू यादव को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी और उसके अन्य साथी अब भी फरार हैं।
पुलिस की ढिलाई की वजह से हौसले बढ़े
नामजद आरोपियों में विकास यादव, शुभम यादव, ओमकार यादव और पिंटू यादव शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी इलाके में पहले से दबंग प्रवृत्ति के माने जाते हैं और पुलिस की ढिलाई की वजह से उनके हौसले और बढ़े हुए हैं।
फिलहाल यह मामला दिल्ली में कानून-व्यवस्था, पुलिस की कार्रवाई और आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल बन चुका है। अब देखना यह होगा कि पुलिस फरार आरोपियों को कब तक गिरफ्तार करती है और पीड़ित परिवार को कब न्याय मिल पाता है।





