नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । सुप्रीम कोर्ट का हालिया दिल्ली में आवारा कुत्तों को लेकर दिए गए फैसले पर विवाद शुरु हो गया था। कई राजनीतिक दल और क्रिकेट-सिनेमा जगत से जुड़े लोग इस फैसले की आलोचना कर रहे थे। अब सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार (21 अगस्त, 2025) को आवारा कुत्तों को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है।
यह याचिका आवारा कुत्तों को उठाने के संबंध में दिल्ली नगर निगम (MCD) की ओर से जारी अधिसूचना के विरोध में दाखिल की गई थी। और याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी। एक वकील की ओर से यह याचिका दाखिल की गई।
आवारा कुत्तों को लेकर नहीं थम रहा घमासान
कोर्ट में दायर नई याचिका में यह तर्क दिया गया था कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच को अभी यह तय करना है कि दो जजों की बेंच की ओर से दिए गए आदेश ‘जिसमें आवारा कुत्तों को उठाकर शेल्टर होम में रखने का निर्देश दिया गया था’ को बरकरार रखा जाए या नहीं। ऐसे में MCD की अधिसूचना न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर जल्द सुनवाई की मांग ठुकरा दी।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा था
बता दें कि, 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस जेबी पारदीवाला और आर. महादेवन की बेंच ने आदेश दिया कि दिल्ली-NCR में सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर में भेजा जाए और उन्हें सड़कों पर वापस न छोड़ा जाए। कोर्ट ने नगर निगमों को वैक्सीनेशन और शेल्टर बनाने के भी निर्देश दिए।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि दिल्ली-NCR के हर इलाके से आवारा कुत्तों को उठाना शुरू किया जाए और उन्हें किसी अन्य सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया जाए। कोर्ट ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर कोई कुत्तों को जबरदस्ती पकड़ने में रुकावट डालता है, तो उसे कानूनी नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।





