नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक बाइक सवार युवक की गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। यह घटना गुरुवार रात की है, जब युवक पालम से जनकपुरी की तरफ आ रहा था और वह सड़क पर बने एक गहरे गड्ढे में गिर गया। बताया जा रहा है कि युवक गंभीर रूप से घायल होने के कारण पूरी रात वहीं फंसा रहा, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
इस हादसे ने इलाके के लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि यह गड्ढा काफी समय से खुला हुआ था और दिल्ली जल बोर्ड ने इसे खोदा था। लोग यह भी कह रहे हैं कि नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और लापरवाही बरती। वहीं, दिल्ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
दिल्ली के मंत्री का बयान
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने जनकपुरी में गहरे गड्ढे में गिरने से हुई मौत के मामले पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस घटना की गंभीर जांच की जाएगी और इसके लिए एक कमेटी गठित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी पाई जाती है, तो ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
AAP ने बीजेपी पर साधा निशाना
दिल्ली के आम आदमी पार्टी (AAP) के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद भी दिल्ली सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा “एक मासूम बाइक सवार गहरे गड्ढे में गिरकर रातभर फंसा रहा और उसकी मौत हो गई, लेकिन दिल्ली की बीजेपी सरकार ने इससे कुछ नहीं सीखा। वे बस रोज झूठ बोलते हैं।” सौरभ ने इस हादसे के बाद दिल्ली सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाए और बीजेपी को कड़ी आलोचना की।
गड्ढे में गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हुई थी मौत
गौरतलब है कि अभी कुछ दिनों पहले ही नोएडा के सेक्टर 150 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की सड़क पर गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इस घटना में प्रशासन की लापरवाही सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की और नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटा दिया गया और एक जूनियर इंजीनियर पर कार्रवाई हुई, जिसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई।





