नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । “दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को शिक्षकों से अपील की कि वे स्कूली बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखें। उन्होंने कहा कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, स्वदेशी जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे अपने देश और समाज के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनें।”
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि शिक्षक ही वह मार्गदर्शक शक्ति हैं, जो बच्चों को आने वाले समय में जिम्मेदार नागरिक और सक्षम नेता बना सकते हैं। उनका मार्गदर्शन न केवल ज्ञान देता है, बल्कि बच्चों में नैतिकता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने में भी सहायक होता है। सीएम रेखा गुप्ता निजी कार्यक्रम सम्मान समारोह को संबोधित कर रही थीं।
पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण पर भी जोर- सीएम रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक छात्रों को जल संरक्षण, पेड़-पौधों के महत्व, पहाड़ों और नदियों के संरक्षण की शिक्षा दें, ताकि बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो और वे भविष्य में पर्यावरण के संरक्षक के रूप में समाज में योगदान कर सकें।
शहर की हालात सुधारने के लिए सबकी जिम्मेदारी- सीएम रेखा गुप्ता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना नदी की हालत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शहर की समस्याओं को सुधारने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि यदि यमुना उनसे मिलती, तो वे माफी मांगतीं, क्योंकि प्रदूषण के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं और इसे सुधारने के लिए एकजुट होना होगा।
सरकार को दोष देना गलत- सीएम रेखा गुप्ता
उन्होंने कहा कि दिल्ली की समस्याओं के लिए केवल सरकार को दोष देना गलत है। हर नागरिक की भूमिका अहम है। अगर हम सब छोटे-छोटे कदम उठाएँ, तो न केवल दिल्ली की हालत सुधरेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और बेहतर वातावरण भी तैयार होगा।
शिक्षकों से सीएम की खास अपील
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को समाज के असली निर्माता करार देते हुए कहा कि वे बच्चों के मार्गदर्शक हैं और देश के भविष्य को आकार देते हैं। उन्होंने अपील की कि शिक्षक बच्चों में स्वदेशी सोच, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाएँ, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ प्रकृति और संस्कृति से जुड़ी हों।





