नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) को शुक्रवार को एक बड़ा राजनीतिक और भावनात्मक झटका लगा। जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने भावुक होकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। उनका यह कदम 2025 दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले AAP के भीतर बढ़ते असंतोष और उपेक्षा की कहानी बयां करता है। राजेश गुप्ता ने दिल्ली भाजपा मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और पार्टी नेता बैजयंत पांडा की मौजूदगी में औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण की।
जॉइनिंग के दौरान छलका दर्द: ’10 साल की मेहनत भुला दी गई’
भाजपा में शामिल होने के मौके पर राजेश गुप्ता बेहद भावुक हो गए और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके आंसू छलक पड़े। अपने पुराने सहयोगियों पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए।
राजेश गुप्ता ने कहा, अरविंद केजरीवाल मेरा फोन तक नहीं उठाते और प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी मुझसे बात नहीं करते। पार्टी ने मेरी 10 साल की समर्पण और मेहनत को पूरी तरह से भुला दिया। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर अपनी मूल विचारधारा से भटकने और पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूब जाने का गंभीर आरोप लगाया। राजेश गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अब वह भाजपा के साथ मिलकर विकास और राष्ट्रवाद की राह पर काम करेंगे।
AAP में राजेश गुप्ता का कद और जिम्मेदारी
राजेश गुप्ता आप आम आदमी पार्टी के अंदर एक महत्वपूर्ण रणनीतिकार रहे थे। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली विधानसभा की याचिका एवं अनुमान समिति के पूर्व अध्यक्ष, और आम आदमी पार्टी के कर्नाटक प्रभारी के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई थीं। उनके इस स्तर के नेता के पार्टी छोड़ने से आम आदमी पार्टी के अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
बैजयंत पांडा ने कसा तंज
भाजपा नेता बैजयंत पांडा ने राजेश गुप्ता का स्वागत करते हुए आप पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि, राजेश गुप्ता का अनुभव अब भाजपा की ताकत बनेगा। आप का यह आपदा (पलायन) आगामी चुनावों में भाजपा की राजनीतिक पकड़ को मजबूत करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना दिल्ली की राजनीति में एक नया समीकरण पैदा करेगी, और BJP आगामी चुनावों में इस असंतोष को आप के खिलाफ एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकती है।




