Chhattisgarh: मोदी सरकार-1 में केंद्रीय मंत्री, अब मिला छत्तीसगढ़ के CM का पदभार; जानें कौन हैं विष्‍णुदेव साय

Chhatisgarh: भाजपा लोकसभा चुनाव 2024 को ध्यान में रखकर ही बड़े सोच विचार के साथ सीएम के चेहरा का निर्णय ले रही है। छत्तीसगढ़ में सीएम पद के लिए भाजपा के द्वारा चुने गए आदिवासी नेता विष्णुदेव साय
Vishnu Deo Sai
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रायपुर, रफ्तार डेस्क। भाजपा को तीनो राज्यों में पूर्ण बहुमत मिलने के बाद भी मुख्यमंत्री का चेहरा चुनने में काफी मशक़्क़त करनी पड़ रही है। भाजपा लोकसभा चुनाव 2024 को ध्यान में रखकर ही बड़े सोच विचार के साथ मुख्यमंत्री के चेहरा का निर्णय ले रही है। इसी का बड़ा उदाहरण छत्तीसगढ़ में सीएम पद के लिए भाजपा के द्वारा चुने गए आदिवासी नेता विष्णुदेव साय है। वह एक अनुभवी राजनेता हैं। भाजपा की चयन समिति ने झारखंड के आदिवासी समुदाय को ध्यान में रखते हुए ही छत्तीसगढ़ में इस समुदाय के अनुभवी राजनेता को प्रदेश की कमान देकर बहुत ही बड़ी राजनीतिक निर्णय लिया है। जिसका भविष्य में बीजेपी को बड़ा लाभ मिलता दिख रहा है।, अब जल्द ही साय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

प्रोफाइल पर एक नजर

नाम :- विष्णु देव साय

जन्म :- 21 फरवरी 1964

जन्म स्थान :- बगिया गांव, जिला जशपुर, छत्तीसगढ़

शिक्षा :- 10वी तक की पढ़ाई कुनकुरी, लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल छत्तीसगढ़ से हुई।

जन्म, शिक्षा और पारिवारिक जीवन

विष्णु देव साय का जन्म 21 फरवरी 1964 को बगिया गांव, जिला जशपुर, छत्तीसगढ़ में एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम स्वर्गीय रामप्रसाद साय और माता का नाम जसमनी देवी है। उनकी 10वी तक की पढ़ाई कुनकुरी, लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल से हुई। उनकी पत्नी का नाम कौशल्या साय है, जिनसे उनको एक बेटा और दो बेटी हैं।

राजनीतिक यात्रा की शुरुआत :-

छत्तीसगढ़ के नए सीएम विष्णुदेव साय ने अपना राजनीतिक सफर सरपंच के तौर पर शुरू किया था। उन्होंने 1990 में पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। वह 1998 तक विधायक रहे। उन्होंने 1999 में लोकसभा का चुनाव लड़ने का निर्णय लिया और जीत दर्ज कर सांसद बने। उसके बाद वह 2004, 2009 और 2014 में भी सांसद बने। उन्हें मोदी सरकार के प्रथम कार्यकाल में इस्पात और खनन मंत्रालय का पदभार भी सौपा गया था।

राजनीतिक परिवार से हैं विष्णुदेव साय

विष्णुदेव साय को राजनीति का ज्ञान अपने दादा और ताऊ से मिला है। परिवार का संबंध राजनीति से होने के कारण, साय ने भी समाज सेवा को अपना लक्ष्य रखा। उन्होंने एक लंबी राजनीतिक पारी खेली है। उनके दादा स्वर्गीय बुधनाथ साई का मनोनीत विधायक का कार्यकाल 1947 से 1952 तक रहा। वहीं उनके ताऊजी(साय के पिता के बड़े भाई) स्वर्गीय नरहरि प्रसाद साई जनसंघ के सदस्य थे, जिनका विधायक का कार्यकाल 1962-67 और 1972-77 तक दो बार रहा। उन्होंने 1977-79 तक सांसद रहे और जनता पार्टी सरकार में राजयमंत्री का कार्यभार भी संभाला था।

उनकी राजनीतिक यात्रा

उन्होंने 1989 में ग्राम पंचायत बगिया के वह पंच का पदभार संभाला था। वे 1990 में ग्राम पंचायत बगिया के निर्विरोध सरपंच चुने गए और बढ़िया ढंग से अपना कार्यभार संभाला था। साय 1990 से 1998 तक मध्य प्रदेश विधानसभा में तपकरा से विधायक बने थे। वह 1999 में रायगढ़ से सांसद बने थे और 2004 में दोबारा रायगढ़ से सांसद चुने गए थे। उन्हें 2006 में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष का कार्यभार सौपा गया था। साय 2009 में तीसरी बार रायगढ़ से सांसद बने और बहुत ही बढ़िया कार्य किया। उन्होंने वर्ष 2011 में दूसरी बार छत्तीसगढ़ भाजपा के अध्यक्ष का पदभार संभाला था। वह 2014 में चौथी बार रायगढ़ से सांसद चुने गए और अच्छा राजनीतिक रिकॉर्ड होने के कारण वर्ष 2014 में मोदी सरकार ने उन्हें केंद्रीय राज्यमंत्री का कार्यभार सौपा था, जिसका कार्यकाल 27 मई, 2014 से 2019 तक रहा। मोदी सरकार में उन्हें इस्पात, खान, श्रम और रोजगार मंत्रालय का पदभार सौपा गया था।

उन्होंने 2020 से 2022 तक तीसरी बार छत्तीसगढ़ भाजपा के अध्यक्ष का कार्यभार संभाला था। साय को दिसंबर- 2022 में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया। साय 8 जुलाई, 2023 को राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य चुने गए। अब साय छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज करके, प्रदेश के मुख्यमंत्री चुने गए है।

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