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Open Window by Barun Sakhajee: जो जरूरत का नहीं वह भी क्यों ढो रहे हो यार…

Barun Sakhajee Open Window #OpenWindow -बरुण सखाजी सुबह दफ्तर के लिए निकलते समय पापा ने कहा, तुम रोज कपड़ों की तरह ही जूते भी बदल-बदलकर क्यों पहनते हो। सच में यह उन्होंने हल्के-फुल्के मूड में कहा था। लेकिन मन में बैठ गया। इसका जवाब दिनभर से खोज रहा हूं। सोच क्लिक »-www.ibc24.in

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