-मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों की हुई समीक्षा बैठक पटना, 07 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए कहा कि अभी कोरोना की विशेष परिस्थिति है। इसको ध्यान में रखते हुए संभावित बाढ़ की पूरी तैयारी रखनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कोरोना की विशेष परिस्थिति है। इसको ध्यान में रखते हुए संभावित बाढ़ की पूरी तैयारी रखनी है। बाढ़ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों का टीम बनाकर सही आकलन करवाएं। प्रभावित परिवारों की सूची बनाते समय पूरी पारदर्शिता बरती जाए ताकि कोई भी लाभ से वंचित न रहे। कोई भी वास्तवित हकदार लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों में लगाए जाने वाले सभी लोगों का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराएं।कम्युनिटी किचेन, राहत शिविर में काम करने वाले लोगों, विभिन्न विभागों में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य करने वाले सभी लोगों का टीकाकरण करायें। बाढ़ के दौरान प्रभावित लोगों को बाढ़ राहत शिविर में आने के बाद उनकी कोरोना जांच अवश्य कराएं। अगर कोई कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं उन्हें राहत शिविरों में अलग से आइसोलेट कर उनके इलाज की समुचित व्यवस्था रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से सुरक्षा के लिए बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्य एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को माॅनसून के पहले पूर्ण करें। बाढ़ की स्थिति में तटबंधों की निगरानी के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। इसके लिये गश्ती कार्य नियमित रुप से किये जायें। निगरानी कार्य में लगाये जाने वाले लोगों का विशेष प्रशिक्षण कराएं। जल संसाधन विभाग इसे सुनिश्चित कराये। उन्होंने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में नावों की पर्याप्त उपलब्धता रखें। गड्ढ़े में वर्षा का पानी भर जाने पर बच्चों के डूबने की घटना की आशंकाओं के मद्देनजर मुख्य सचिव संबंधित विभागों से बात कर जागरूकता अभियान चलवायें ताकि बच्चों के डूबने की घटनायें न हो। मुख्यमंत्रीे कहा कि मानव दवा, पशु दवा, सांप काटने की दवा, कुत्ता काटने की दवा, ब्लीचिंग पाउडर, डायरिया की दवा, हैलोजन टेबलेट आदि की पर्याप्त उपलब्धता रखें। उन्होंने कहा कि पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की मरम्मति की पूर्ण तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि विशेष आक्राम्य स्थलों को चिह्नित करें।इसको लेकर जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों से विचार-विमर्ष करें। डायवर्सन का सुदृढ़ीकरण करायें। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल/पुलियों की मरम्मति कार्य 15 जून तक पूर्ण करें। पुल/पुलियों के साफ-सफाई का कार्य भी माॅनसून के पहले पूर्ण करें। नवगठित नगर निकायों में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। डिजास्टर रिस्क रिडक्शन रोडमैप के क्रियान्वयन के लिए समुचित कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैटल ट्रफ की समुचित व्यवस्था, पशुचारा, बाढ़ राहत सामग्री, दवा के साथ-साथ अन्य चीजों की उपलब्धता को लेकर पूरी तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि 13 जून के पूर्व सारी तैयारी पूर्ण रखें। आपदा प्रबंधन विभाग सतत् अनुश्रवण करते रहे। हर चीजों पर नजर बनाए रखें। पूर्व के बाढ़ के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध ढंग से काम करना है। हिन्दुस्थान समाचार/गोविन्द




