बेगूसराय, 13 अप्रैल (हि.स.)। मां भगवती की भक्ति कर शक्ति पाने का पर्व वासंतीय नवरात्र के साथ ही भारतीय वर्ष 2078 मंगलवार को शुरू हो गया। नवरात्र में माहौल भगवती मंत्रोच्चार के साथ-साथ श्रीराममय हो गया है। नववर्ष को लेकर सुबह से लोग एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं। बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सुबह-सुबह लोगों को बधाई दी है। गिरिराज सिंह ने कहा है कि सनातनी नववर्ष वर्ष प्रतिपदा एवं चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। देवी शक्ति से प्रार्थना है कि हम सभी के जीवन में शुभ हो। नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही देवी मंदिरों के साथ-सथ घरों में भी कलश स्थापन कर मां भगवती के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा अर्चना की जा रही है। माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया और जगह-जगह ‘या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता’ का मंत्रोच्चार गूंज रहा है। चैती दुर्गा मंदिर में प्रतिमाएं बनाई जा रही है, लोग भक्ति में लीन हैैंं। कोरोना के कारण सभी मंदिरों को बंद कर दिया गया है। लेकिन कोरोना पर लोगों की आस्था भारी पड़ रही है और मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में लोग पूजा-पाठ कर रहे हैंं। जिला मुख्यालय के शीतला स्थान एवं काली स्थान में सुबह से ही लोग भगवती की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। संघ परिवार एवं सनातन धर्मावलंबियों ने अपने-अपने घरों पर भगवा ध्वज फहराया, रामोत्सव मनाया जा रहा है। ज्योतिष अनुसंधान केंद्र गढ़़पुरा के संस्थापक पंडित आशुतोष झा ने बताया कि इस चैत्र नवरात्र का विशेष महत्व माना जाता है, अमृत और सिद्धि योग बन रहे हैं। आज भगवती के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा-अर्चना हुई, 14 अप्रैल को ब्रह्मचारिणी, 15 अप्रैल को चंद्रघंटा, 16 अप्रैल को कुष्मांडा, 17 अप्रैल को स्कंदमाता, 18 अप्रैल को कात्यायानी, 19 अप्रैल को कालरात्रि की पूजा होगी। 20 अप्रैल को अष्टमी के दिन दुर्गा मंदिरों में निशा पूजन होने के बाद मध्य रात्रि में दर्शन के और खोईंछा भरने के लिए मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। 21 अप्रैल को नौवीं तिथि के दिन रामनवमी मनाया जायगा तथा 22 अप्रैल को विजयादशमी के साथ नवरात्र का समापन हो जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र





