तेजस्वी के 'मंदिर नहीं, अस्पताल' वाले बयान पर सुशील मोदी का हमला, कहा-'हिम्मत है तो सारे मंदिर-मस्जिद तोड़...'

Bihar News: पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि यदि हिम्मत है तो स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव सारे मंदिर-मस्जिद ध्वस्त कर उनकी जगह अस्पताल बनवाने की घोषणा करें।
सुशील कुमार, तेजस्वी प्रसाद
सुशील कुमार, तेजस्वी प्रसादRaftaar

पटना, (हि.स.)। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि यदि हिम्मत है तो स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव सारे मंदिर-मस्जिद ध्वस्त कर उनकी जगह अस्पताल बनवाने की घोषणा करें। मोदी ने शुक्रवार को तेजस्वी यादव के उस बयान को फूहड़ और हिंदुओं की आस्था को जानबूझ कर आहत करने वाला बताया, जिसमें तेजस्वी ने कहा गया था कि चोट लगने पर कोई मंदिर नहीं , अस्पताल जाता है।

चिकित्सा के लिए अस्पताल चाहिये तो मानसिक शांति के लिए मंदिर

सुशील मोदी ने कहा कि यदि लोगों को चिकित्सा के लिए अस्पताल चाहिये तो मानसिक शांति के लिए मंदिर भी चाहिए। दवा और दुआ, दोनों की जरूरत पडती है। तेजस्वी यादव बताएं कि वे डेढ साल में एक भी नया अस्पताल क्यों नहीं बनवा सके?

लालू प्रसाद ने अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाये जाने का समर्थन किया था

मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव के पिता और राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाये जाने का समर्थन किया था। रेल मंत्री बनने पर उन्होंने गोधरा स्टेशन के पास 56 कारसेवकों को जिंदा जलाने की घटना के दोषियों को बचाने के लिए नया जांच आयोग गठित करने का पाप किया था। ऐसे संस्कार में पले राजद के लोग कभी मानस की निंदा करते हैं, तो कभी सरस्वती का अपमान करने का दुस्साहस करते हैं।

राम मंदिर का निर्माण में करदाताओं का पैसा लगा है

उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थल पर एक सक्षम धार्मिक न्यास जब राम-भक्तों के दान-सहयोग से मंदिर का नवनिर्माण करा रहा हैं, तब राजद और इंडी गठबंधन के दलों की छाती क्यों फट रही है?अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण न तो भाजपा करा रही है, न इसमें करदाताओं का पैसा लग रहा है,फिर भी सनातन धर्म विरोधी पार्टियां एक समुदाय -विशेष का थोक वोट पाने के लिए रोज जहर उगल रही हैं।

उन्होंने कहा कि हमें राम भी चाहिए, रोटी भी चाहिए इसलिए अयोध्या धाम को ऐसे विकसित किया जा रहा कि भव्य राम मंदिर के साथ सांस्कृतिक पुनर्जारण भी हो और पर्यटन उद्योग में हजारों लोगों को रोजी-रोजगार भी मिले।

खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Related Stories

No stories found.