बेतिया, 1अप्रैल (हि.स.)। बगहा से लहना वसूल कर मोटरसाइकिल से बेतिया लौट रहे सुधांशु शुक्ल सत्ता के गुमान मे चल रही उपमुख्यमंत्री रेनू देवी औंर भाजपा राज्य अध्यक्ष संजय जयसवाल के काफिले का शिकार हुये है, उक्त बात भाकपा माले की जांच टीम जिसमें भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य सुनील कुमार यादव, जिला कमिटी सदस्य सुनील कुमार राव, चनपटिया अंचल सचिव योगेन्द्र यादव औंर वरिष्ठ माले नेता भरत ठाकुर, रामाधार सिंह ने पीडित परिवार से मिल कर कही। आगें नेताओं ने कहा कि काफिले से 2.40 बजे एक्सीडेंट हुआ, अगर उसी समय समुचित इलाज हुआ होता तो 100% सुधांशु को बचाया जा सकता था, कारण कि सुधांशु को एक पैर मे ही गम्भीर जख्म थी, पूरा शरीर सुरक्षित था। मगर एक्सीडेंट होने के घंटों तक सडक पर तडपते रहे, बाद मे जनता के पहलकदमी से बगहा अस्पताल मे पहुंचाया गया, वहां कुछ भी इलाज नहीं हुआ रेफर कर दिया गया, 5.30 बजें के बाद बेतिया मेडिकल कालेज में भेजा गया, वहां भी इलाज करने के बदले रेफर कर दिया गया, तबतक शरीर से काफी खुन बह चुका था, मोतिहारी जाने के क्रम में सुधांशु ने दमतोड़ दिया। माले नेताओं ने कहा कि पूरी घटना क्रम में भाजपा नेता व जिला प्रशासन चरम पर असंवेदना दिखाया है, वहीं नीतीश सरकार की आस्पताल कि पोल खुल गयी है कि अनुमंडल आस्पताल हो या मेडिकल कॉलेज हो साधारण रोग का भी इलाज नहीं हो रहा है। सिर्फ रेफर किया जाता हैं, अगर समय से सहीं इलाज होता, जरूरत पडने पर खुन देकर भी सुधांशु को बचाया जा सकता था, मगर कोई जिला पुलिस की टीम हो या सत्ताधारी पार्टी के नेता, सांसद संजय जायसवाल हो या उपमुख्यमंत्री रेनू देवी एक यूनिट खून तक का व्यवस्था नही करा सकें। यहां तक की इन नेताओं की कोई टोली अभी तक पिडित परिवार से मिल कर दुःख व्यक्त करने तक नहीं गया है, पीडित परिवार के प्रति भाजपा नेताओं की इस तरह का संवेदनहिनता को हम लोग कठोर शब्दों में निन्दा करते हैं। माले नेताओं ने परिवार से मिल कर दुःख में शामिल हुए, औंर सरकार से उच्चतरिये जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्यवाही करने, मृत परिवार को एक सरकारी नोकरी औंर बीस लाख मुआवजा देने की मांग किया। हिन्दुस्थान समाचार / अमानुल हक/चंदा




