नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार चुनाव के परिणामों के बाद लालू परिवार में तूफान मच गया है। लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार और पार्टी से नाता तोड़ लिया है। अब वह लगातार परिवार के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाते हुए हमलावर बनी हुई हैं। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
रोहिणी आचार्य का एक नया वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हो रहा है, जिसमें उनका गला बैठा हुआ है। वीडियो में वे एक पत्रकार से फोन पर बात करते हुए कह रही हैं, “जब किडनी देने की बात आई, तो बेटा भाग गया।” इस बयान ने राजनीतिक और पारिवारिक विवादों को और बढ़ा दिया है।
इन लोगों को किडनी दान कर देनी चाहिए – रोहिणी आचार्य
रोहिणी आचार्य ने वीडियो के साथ एक्स पर एक तीखा संदेश पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा, “जो लोग लालू जी के नाम पर कुछ करना चाहते हैं, उन्हें झूठी हमदर्दी जताने के बजाय गरीबों की मदद के लिए अपनी किडनी दान करनी चाहिए।
पिता को किडनी देने वाली शादीशुदा बेटी को गलत ठहराने वाले, हिम्मत जुटा कर खुले मंच पर बहस करें।” उनका यह बयान परिवारिक और राजनीतिक विवादों को और भी उकसा सकता है।
ये लोग एक बोतल खून नहीं दे सकते- रोहिणी आचार्य
रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट में कहा, “जरूरतमंदों को किडनी देने की शुरुआत पहले वो करें, जो बेटी की किडनी को गंदा बताते हैं। फिर हरियाणवी महापुरुष और उनके भक्त ट्रोलर्स करें, जो मुझे गाली देने में लगे रहते हैं। एक बोतल खून देने का नाम लेने पर जिनका खून सूख जाता है, वो अब किडनी देने पर उपदेश दे रहे हैं।” उनका यह बयान और भी तीव्र राजनीतिक और सोशल मीडिया बहसों को जन्म दे सकता है।
“किडनी देने वाली बेटी”
बता दें कि, रोहिणी आचार्य ने अपने पिता, लालू प्रसाद यादव को किडनी दान की थी, जिसके बाद वे “किडनी देने वाली बेटी” के नाम से मशहूर हो गईं। पहले वह हमेशा अपने परिवार, खासकर भाई तेज प्रताप यादव के पक्ष में खुलकर समर्थन करती आईं, लेकिन अब परिवार और पार्टी से अलग होकर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया है। उनका यह मोड़ राजनीतिक और पारिवारिक रिश्तों में नए विवाद को जन्म दे रहा है।
रोहिणी आचार्य का एक भावुक पोस्ट वायरल
लालू की बेटी, रोहिणी आचार्य ने 16 नवंबर 2025 (रविवार) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट के जरिए राजनीति से संन्यास लेने और परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान किया।
इस निर्णय ने लालू परिवार की आंतरिक कलह को उजागर किया है, जो पहले ही तेज प्रताप यादव के अलगाव के बाद सुर्खियों में था। रोहिणी का यह कदम परिवारिक और राजनीतिक विवादों में नई तूल दे सकता है।





