नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री राजकुमार सिंह (आरके सिंह) ने क्षत्रिय समाज से एकजुट होने का आह्वान किया है। उनके इस बयान ने राज्य में चुनावी सियासी पारा बढ़ा दिया है और आगामी चुनावी रणनीतियों पर नई बहस शुरू कर दी है।
बीते मंगलवार (23 सितंबर, 2025) शारदीय नवरात्र के मौके पर क्षत्रिय कल्याण संगठन के नए कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजकुमार सिंह (आरके सिंह) ने चेतावनी दी कि यदि क्षत्रिय समाज अब भी बंटा रहा, तो आने वाले वर्षों में उसकी राजनीतिक हैसियत समाप्त हो सकती है।
‘किसी भी राजनीतिक दल में हमारी कीमत नहीं”
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजकुमार सिंह (आरके सिंह) ने कहा, “हमारा समाज कई टुकड़ों में बंटा हुआ है, इसलिए किसी भी राजनीतिक दल में हमारी कीमत नहीं है। यदि हम एकजुट हों, तो कोई पार्टी हमारी अनदेखी नहीं कर सकेगी।” उन्होंने साफ कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में क्षत्रिय समाज उस पार्टी का समर्थन करेगा, जो समाज को सबसे ज्यादा टिकट और सम्मान देगी।
राजकुमार सिंह ने जोर देकर कहा, “हम किसी पार्टी से बंधे नहीं हैं। जो हमारी हिस्सेदारी देगा, हम उसी के साथ खड़े होंगे, चाहे वह महागठबंधन हो या एनडीए।”
अगर सामने वाला जातिवाद करता है तो…
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजकुमार सिंह (आरके सिंह) ने क्षत्रिय समाज से आह्वान किया कि बिहार के हर जिले में जाकर लोगों को जागरूक करें और देखें कि कौन-सी पार्टी समाज के हक में खड़ी है। उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के मंच पर एक भी राजपूत चेहरा नहीं दिखता। आरके सिंह ने जोर देकर कहा, “हमें बोलने में कोई शर्म नहीं है। अगर सामने वाला जातिवाद करता है, तो हमें भी अपने अस्तित्व के लिए लड़ना पड़ेगा।”
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजकुमार सिंह (आरके सिंह) ने कहा कि अब क्षत्रिय समाज को भावनात्मक नहीं, बल्कि रणनीतिक वोटर बनना होगा। ऐसा वोटर जो अपनी ताकत पहचानता हो और उसका सही इस्तेमाल करता हो। उन्होंने अपनी निजी जिंदगी का जिक्र करते हुए कहा कि, उन्होंने कभी जात-पात नहीं की और सभी जातियां उनके लिए बराबर रही हैं, लेकिन चोरों से उन्हें हमेशा नफरत रही है। हाल की घटनाओं ने उनकी सोच में बड़ा बदलाव ला दिया है।
जातिवाद पर क्या बोले आरके सिंह?
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजकुमार सिंह (आरके सिंह) ने बिहार की राजनीति में जातिवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा, “कुछ व्यक्तियों ने हमारे समाज को बांट दिया। रामविलास ने पासवान समाज को एकजुट किया और लालू प्रसाद ने यादवों को जोड़ लिया। कुशवाहा समाज भी एकजुट होकर वोट करता है।
जहां इंडिया गठबंधन को जिताने का संदेश जाता है, वहां वोट डालते हैं। लालू जहां कहते हैं, सारे यादव वहीं वोट करते हैं। अगर हमारी पार्टी यादव को खड़ा करेगी और आरजेडी ब्राह्मण को, तो यादव लालू को ही वोट देंगे। यही आज की पार्टी पॉलिटिक्स है, जबकि हम-आप बिखरे हुए हैं।”
चरित्रहीन लोगों से मेरी गहरी नफरत- आरके सिंह
इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री राजकुमार सिंह (आरके सिंह) ने बिहार की एनडीए सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मंत्रियों और नेताओं पर हमला किया और कहा, “भ्रष्ट, अपराधी और चरित्रहीन लोगों से मेरी गहरी नफरत है।” आरके सिंह ने जोर देकर कहा, “मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि जब मैं पद पर था, तो किसी अधिकारी या ठेकेदार को भ्रष्टाचार करने की हिम्मत नहीं हुई। वे डरते थे कि अगर हम भ्रष्टाचार करेंगे तो उनकी गर्दन कट जाएगी।”





