नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास खाली न करने के आरजेडी (RJD) के अड़ियल रुख के बीच, बिहार सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। राज्य के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी आवास जनता की संपत्ति है और किसी व्यक्ति का इस पर ‘बपौती (व्यक्तिगत अधिकार)’ नहीं होता। सम्राट चौधरी ने आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल के बयान जो करना है करें, डेरा खाली नहीं करेंगे को अराजकता बताया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन: चौधरी
सम्राट चौधरी ने साफ किया कि यह कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का पालन है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला स्वतः नहीं मिलता है।उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर 39 हार्डिंग रोड स्थित जो आवास आवंटित किया गया है, वह पूरी तरह से पर्याप्त है और उन्हें वहीं शिफ्ट होना चाहिए।सम्राट चौधरी ने कहा, कानून व्यवस्था वाले राज्य में किसी को सरकारी संपत्ति पर व्यक्तिगत हक नहीं बनता है। इस तरह की अराजक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।
विवाद का केंद्र: 10 सर्कुलर रोड
बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए 39 हार्डिंग रोड आवास को निर्धारित किया है। इसी के चलते लालू-राबड़ी परिवार को लंबे समय से आवंटित 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करना पड़ेगा।आरजेडी ने इस कार्रवाई को बीजेपी के दबाव में लिया गया निर्णय बताया है और अदालत जाने की संभावना का संकेत भी दिया है।
‘मुझे भी छह बार आवास बदलना पड़ा’
सम्राट चौधरी ने अपने बचाव में व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में नेताओं के आवास समय-समय पर बदलते रहे हैं। उन्होंने कहा, पिछले 28 साल में मुझे भी छह बार आवास बदलना पड़ा। सरकार का काम विपक्षी नेताओं को सम्मान देना है, और यही किया जा रहा है।इस बयान के साथ, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले में नियम और कानून के अनुसार आगे बढ़ेगी, और आरजेडी के प्रतिरोध को स्वीकार नहीं किया जाएगा।




