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Tuesday, March 31, 2026
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मुजफ्फरपुर किडनी कांड मामले में बिहार मानवाधिकार आयेग ने DM-SP से मांगी रिपोर्ट

जिले के सकरा थाने के मथुरापुर गांव की निवासी सुनीता देवी को पेट में दर्द था, जिसका इलाज वहीं पर बरियारपुर के शुभकान्त क्लिनिक में एक झोलाछाप चिकित्सक डॉक्टर पवन कुमार के द्वारा किया गया।

पटना, एजेंसी। जिले के चर्चित किडनी कांड मामले में बिहार मानवाधिकार आयोग ने जिलाधिकारी-एसएसपी से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा से 14 मार्च तक प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा है। पीड़ित महिला सुनीता देवी के ओवरी के ऑपरेशन के दौरान दोनों किडनी निकालने का मामला प्रकाश में आने के बाद मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवं राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दाखिल की थी, जिसपर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली एवं राज्य मानवाधिकार आयोग पटना में सुनवाई चल रही है।

3 सितम्बर को महिला का ऑपरेशन किया

जिले के सकरा थाने के मथुरापुर गांव की निवासी सुनीता देवी को पेट में दर्द था, जिसका इलाज वहीं पर बरियारपुर के शुभकान्त क्लिनिक में एक झोलाछाप चिकित्सक डॉक्टर पवन कुमार के द्वारा किया गया। डॉक्टर पवन कुमार ने महिला के गर्भाशय में ट्यूमर होने की बात कही और 3 सितम्बर को महिला का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद सुनीता की तबियत बिगड़ने लगी, शरीर में सूजन होने लगा। तब जाकर महिला के परिजनों के द्वारा मुजफ्फरपुर के एस.के.एम.सी.एच. में सुनीता का सी.टी. स्कैन कराया गया, जिसकी रिपोर्ट में दोनों किडनी दृश्यमान नहीं हैं, ऐसा रिपोर्ट आया।

ऑपरेशन के दौरान किडनी गायब होने की एफाईआर लिखवाई

ओवरी ऑपरेशन के दौरान किडनी गायब होने की एफ.आई.आर. के बाद प्रशासनिक अधिकारी सकते में आये और जांच शुरू हुई, तब मालूम चला कि उक्त क्लिनिक सरकार के मानदंड के अंतर्गत कार्य नहीं कर रही है। इस सम्बन्ध में सकरा (बरियारपुर ओपी ) थाना कांड संख्या – 461/22 अभियुक्तों के विरुद्ध दर्ज किया गया, जिसमें नामजद अभियुक्त डॉ. पवन कुमार, आर. के. सिंह, संगीता देवी एवं अन्य दो अज्ञात के विरुद्ध मामला सत्य पाया गया है तथा प्राथमिक अभियुक्त डॉ. पवन कुमार को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।

अभियुक्तों की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में पूरे ब्यौरे को एसएसपी से मांग की है

आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर से पीड़िता के इलाज के लिए वित्तीय सहायता दिए जाने तथा इस घटना के लिए पीड़िता को मिलने वाली क्षतिपूर्ति अनुदान के सम्बन्ध में रिपोर्ट की मांग की है तथा अन्य अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के सम्बन्ध में पूरे ब्यौरे को एसएसपी से मांग की है। आयोग के आदेशानुसार जो जांच चल रही हैं, उसमें यह बात प्रकाश में आयी है कि चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम द्वारा आयोग को जो रिपोर्ट भेजा गया हैं, उसमें स्पष्ट अंकित है कि जल्द-से-जल्द मरीज के किडनी डोनर की व्यवस्था कर उच्च संस्थान में रेफर करते हुए किडनी ट्रांसप्लांट की व्यवस्था किया जाए, ताकि मरीज की जान बचाई जा सके।

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