नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बिहार के मुख्यंत्री नीतीश कुमार ने यह आदेश मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा को दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आदेश में कहा गया है कि वे जरूरत के हिसाब से वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्कूलों को बंद करने के संबंध में समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित न हो। सीएम ने मुख्य सचिव को यह भी निर्देश दिया है कि वे क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक आयोजित कर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अन्य आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
केके पाठक ने स्कूलों को नहीं किया था बंद
गौरतलब है कि इस भीषण गर्मी के बीच भी बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आदेश के कारण बिहार के सरकारी स्कूल अभी तक खुले हुए थे। आज बिहार में गर्मी ने अपना तांडव दिखाया। जिसके बाद बिहार के बेगुसराय और शेखपुरा में भीषण गर्मी के कारण 50 से ज्यादा छात्राएं बेहोश हो गईं। लेकिन, इसके बावजूद केके पाठक ने स्कूलों को बंद करने का आदेश नहीं दिया है। जबकी उन्होंने स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया कर दिया।
CM नीतीश ने दिया स्कूलों को बंद करने का आदेश
लेकिन इस विषय पर विपक्ष के हमलावर होने और राज्य के स्कूलों में छात्र-छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की तस्वीरें आने के बाद अब सीएम नीतीश कुमार ने बिहार के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। स्कूलों में छात्र-छात्राओं की तबीयत को देखते हुए राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा था। तेजस्वी यादव ने कहा की बिहार में अफसरशाही इतनी हावी है कि स्कूल की टाइमिंग को लेकर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बात नहीं सुनी जाती है। इसके बाद तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री इतने कमजोर है कि 47 डिग्री तापमान और लू में भी कोई छोटे बच्चों का ध्यान नहीं दे रहा है। ये दिखा रहा है कि मुख्यमंत्री को अफसरशाही ने घेर रखा है। इसके बाद नीतीश कुमार ने अब बिहार के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया।
गर्मी में भी खुले थे राज्य के स्कूल
आपको बता दें कि बिहार में गर्मी चरम पर है। यहां पर अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रिकॉर्ड किया है। सबसे बड़ी बात इस झुलसा देने वाली गर्मी में भी राज्य के स्कूल खुले हुए हैं। जिससे छात्रों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के प्रकोप से मटिहानी प्रखंड के मटिहानी मध्य विद्यालय की 18 छात्राएं बेहोश हो गईं। इसके साथ ऐसी घटनाएं कई और स्कूलों में देखने को मिली है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहता है कि जिले में भीषण गर्मी के कारण बच्चों में डिहाइड्रेशन की समस्या हो रहीं है।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in




