सुपौल, 11 मार्च (हि. स.)। शिवालयों में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर गुरुवार को भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर सुखपुर में अवस्थित तिलहेश्वर शिव मंदिर में शुक्रवार को होने वाले जलाभिषेक को लेकर भव्य तैयारी की गई है। वैसे तो तिलहेश्वर स्थान में हर दिन श्रद्धालुओं का जाना लगा रहता है लेकिन महाशिवरात्रि में यह स्थान शिव भक्तों के लिए खास रहती है। यही कारण है कि जिले भर से ही नहीं वरन पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु तिलहेश्वर महादेव में जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। कई शिवालयों में गुरुवार को महाशिवरात्रि व्रत रहने के कारण भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। जिसको लेकर मंदिरों में पूजन और जलाभिषेक के लिए खास इंतजाम किए गए थे। अहले सुबह से ही शिवलयों में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। वहीं, छोटे-बड़े सभी शिवालयों को आकर्षक तरीके से सजाने के साथ ही सुबह से ही भक्ति गीत बजाए जा रहे थे। इस दौरान पूरा इलाका हर-हर महादेव के नारों से गुंजायमान हो रहा था। ऐसी मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और सभी कष्टों से मनुष्य को मुक्ति मिल जाती है। तिलहेश्वर मंदिर के अरूण कुमार झा ने बताया कि सबेरे मंदिर का पट खुलता है संध्या से रात भर चारों पहर भोले बाबा का दिव्य श्रृंगार पूजा होता है। रात भर भक्त जागरण करते हैं, और सबेरे से जलाभिषेक होता है। इसको लेकर तिलहेश्वर मंदिर के कमेटी द्वारा इस वर्ष भव्य तैयारियां की गई है। ताकि किसी भी श्रद्धालु को भोले बाबा के पूजा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। हिन्दुस्थान समाचार/ राजीव/चंदा




