back to top
21.1 C
New Delhi
Thursday, March 19, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

हिजाब, नकाब, बुर्का, हेलमेट… अब चेहरा ढककर नहीं कर पाएंगे ज्वेलरी शॉप में एंट्री, बिहार में लागू नया नियम

बिहार देश का पहला राज्य बन गया है, जहां ज्वेलरी शोरूमों में चेहरा ढककर आने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार देश का पहला राज्य बन गया है, जहां ज्वेलरी शोरूमों में चेहरा ढककर आने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब कोई भी व्यक्ति अगर हिजाब, नकाब, बुर्का, हेलमेट, मास्क, घूंघट या किसी भी तरह से चेहरा ढककर आता है, तो उसे न तो दुकान में एंट्री मिलेगी और न ही सोना-चांदी की खरीदारी करने दी जाएगी। यह नियम 8 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा।

किसने लिया यह फैसला?

यह निर्णय ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन (AIJGF) के निर्देश पर लिया गया है। फेडरेशन के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने साफ किया है कि यह कदम पूरी तरह सुरक्षा कारणों से उठाया गया है, न कि किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ। पिछले कुछ वर्षों में बिहार समेत कई राज्यों में ज्वेलरी दुकानों में लूट और चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। कई मामलों में आरोपी चेहरा ढककर दुकान में घुसे, जिससे सीसीटीवी कैमरों में उनकी पहचान नहीं हो पाई। फेडरेशन का कहना है कि आज सोना और चांदी बेहद महंगे हो चुके हैं 10 ग्राम सोना करीब ₹1,40,000, 1 किलो चांदी लगभग ₹2,50,000 इतनी महंगी चीजों के बाजार में सुरक्षा सबसे जरूरी हो गई है। इसी वजह से अब चेहरा साफ दिखना अनिवार्य कर दिया गया है।

यह हिजाब बैन नहीं, सुरक्षा नियम है

इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक हलकों में इसे “हिजाब बैन” कहकर प्रचारित किया जा रहा है, लेकिन फेडरेशन ने इसे गलत बताया है। AIJGF ने साफ कहा है कि यह नियम सिर्फ हिजाब या नकाब पर नहीं, बल्कि हर उस चीज पर लागू है जिससे चेहरा ढक जाता है। चाहे वह हेलमेट हो, मास्क हो, घूंघट हो या कोई कपड़ा। अब बिहार की किसी भी ज्वेलरी दुकान में हिजाब, नकाब, बुर्का, हेलमेट, मास्क, घूंघट या किसी भी तरह से चेहरा ढककर आने पर एंट्री नहीं मिलेगी। खरीदारी तभी संभव होगी जब ग्राहक अपना चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाएगा।

कैसे होगा नियम का पालन?

फेडरेशन ने कहा है कि किसी पर जबरदस्ती चेहरा खोलने का दबाव नहीं डाला जाएगा। दुकानदार विनम्रता से अनुरोध करेंगे कि ग्राहक कुछ समय के लिए चेहरा दिखाएं, ताकि पहचान हो सके। कई दुकानों के बाहर इस नियम से जुड़े नोटिस भी लगाए गए हैं, ताकि लोग पहले से जानकारी लेकर आएं। कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़ा मामला हो सकता है। वहीं, व्यापारियों और पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कदम ग्राहकों और दुकानदारों दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

Advertisementspot_img

Also Read:

‘फोटो ज्यादा, वोट कम’ – बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद छलका प्रशांत किशोर का दर्द

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Prashant Kishor ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का दावा किया था, लेकिन नतीजों में...
spot_img

Latest Stories