नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार चुनाव की काउंटिंग आगे बढ़ने के साथ ही अलीनगर सीट का रोमांच चरम पर पहुँच गया है। हर राउंड में स्थिति बदल रही है, और सबसे ज्यादा चर्चा में लोक गायिका से नेता बनी मैथिली ठाकुर हैं।
सवाल यह है कि क्या मंच की चमक मैथिली ठाकुर को विधानसभा तक पहुंचा पाएगी, और अगर पहुंचा भी दिया, तो क्या विधायक की कमाई उनके स्टेज शो की आमदनी से ज्यादा होगी। काउंटिंग के बीच इस दिलचस्प तुलना ने चुनावी माहौल और भी गर्म कर दिया है।
अलीनगर सीट से चुनाव लड़ रही मैथिली ठाकुर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की काउंटिंग जारी है और 243 सीटों पर जैसे-जैसे रुझान साफ हो रहे हैं, अलीनगर विधानसभा सीट देशभर में सुर्खियों में है। दरभंगा जिले की यह सीट इस बार राजनीतिक मुकाबले के साथ-साथ लोकप्रिय लोक गायिका और स्टार उम्मीदवार मैथिली ठाकुर की वजह से भी चर्चा में है।
इस बार बीजेपी ने अलीनगर सीट पर मैथिली ठाकुर पर दांव लगाया है, जबकि आरजेडी ने अपने अनुभवी नेता बिनोद मिश्रा को मैदान में उतारकर मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया है।
शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बढ़त
काउंटिंग के शुरुआती रुझानों में बीजेपी लगभग 85 सीटों पर बढ़त बनाए हुए दिख रही है, जबकि एनडीए कुल मिलाकर मजबूत स्थिति में है। ऐसे में अलीनगर सीट और दिलचस्प हो गई है: क्या लोकप्रिय लोक गायिका मैथिली ठाकुर अपनी फैन फॉलोइंग को वोटों में बदल पाएंगी, और क्या विधायक बनकर उनकी कमाई गानों से ज्यादा होगी?
गायकी से मैथिली ठाकुर की कितनी है कमाई
मैथिली ठाकुर आज देश-विदेश में एक जाना-माना नाम बन चुकी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह महीने में 12 से 15 लाइव शो करती हैं, और हर शो की फीस 5 से 7 लाख रुपये के बीच होती है। औसत निकालें तो वह महीने में 60 से 80 लाख रुपये आसानी से कमा लेती हैं।
सालाना उनकी कमाई 7 से 9 करोड़ रुपये के बीच होती है, यानी मनोरंजन जगत मैथिली ठाकुर के लिए सिर्फ पहचान ही नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूती का भी बड़ा स्रोत रही है।
विधायक बनने पर कमाई कितनी?
बिहार में एक विधायक की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है। इसके अलावा उन्हें कई भत्ते भी मिलते हैं, जिनमें क्षेत्रीय भत्ता 55,000 रुपये, दैनिक बैठक भत्ता 3,000 रुपये, पर्सनल असिस्टेंट भत्ता 40,000 रुपये और स्टेशनरी भत्ता 15,000 रुपये शामिल हैं।
इन सभी भत्तों को जोड़ें तो एक विधायक की मासिक कमाई लगभग 1,43,000 रुपये से अधिक हो जाती है। लेकिन असली आर्थिक लाभ सिर्फ इससे नहीं, बल्कि उन सुविधाओं और विशेषाधिकारों से होता है जो विधायक पद के साथ मिलते हैं।
MLA की सैलरी ओर सुविधाएं
बिहार के विधायक को कई ऐसी सुविधाएं मिलती हैं जो सीधे आर्थिक मदद से भी ज्यादा प्रभावशाली हैं। इनमें शामिल हैं। सालाना 4 लाख रुपये तक रेल/हवाई यात्रा कूपन, 25 लाख रुपये तक वाहन लोन, पूर्व विधायक होने पर 45,000 रुपये मासिक पेंशन, हॉस्पिटैलिटी भत्ता 29,000 रुपये, सुरक्षा, सरकारी आवास, रियायती बिजली-पानी-फोन बिल और सरकारी अस्पताल में विशेष उपचार सुविधा।
यानी, भले ही विधायक की कमाई मनोरंजन जगत जितनी न हो, लेकिन सत्ता, सुविधाएँ और समाज में विशेष पहचान इस पद को बेहद शक्तिशाली बनाती हैं।
गायिकी या विधायकी किससे ज्यादा कमाई?
सीधा जवाब यह है कि मैथिली ठाकुर की गायिकी से होने वाली कमाई विधायक की सैलरी और सुविधाओं से कई गुना अधिक है। लेकिन विधानसभा पहुंचना केवल कमाई का सवाल नहीं है; यह प्रभाव, पहुंच और सार्वजनिक सेवा की नई दुनिया का दरवाजा भी खोलता है।




