आरा,29 जून(हि.स.)। भोजपुर के आरा स्थित विद्या भवन के सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय बैंकर्स की त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया।बैठक भोजपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैंकर्स की यह बैठक डीएलसीसी,डीएलआरसी से सम्बंधित थी। इस बैठक में जिला के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। डीआरडीए के निदेशक,डीआईसी के महाप्रबंधक,वरीय उप समाहर्ता बैंकिंग,नाबार्ड के डीडीएम, कृषि वैज्ञानिक,हार्टिकल्चरनिदेशक,पीएनबी के मंडल प्रमुख,डीबीजीबी के रीजनल मैनेजर और अन्य विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल थे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि में वर्चुवल रूप से इस बैठक में शामिल थे। भोजपुर जिला के एलडीएम जे के वर्मा ने सभी प्रशासनिक और बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों का स्वागत करते हुए 2020-21के जिलों में हुई उपलब्धि तथा बीते हफ्ते एसएलबीसी के वीसी का विस्तृत व्योरा सभा पटल पर रखा। हालांकि जिले में लक्ष्य से कम उपलब्धि रही परंतु उसके पूर्व के वर्ष के उपलब्धि से अधिक होने के कारण एसएलबीसी में जिले को प्रोत्साहन दिया गया।साथ ही आने वाले वर्ष के लिए जोर शोर से काम करने हेतू दिए गए निर्देशों की जानकारी एलडीएम ने अधिकारियों को दी। बैठक के अध्यक्ष जिलाधिकारी ने प्रगति की सराहना की किन्तु बार्डर लाइन प्रगति रहने के कारण 2021-22 के वर्ष के हर माह के द्वितीय सप्ताह में प्रगति की समीक्षा करने हेतु निर्देश दिया और सभी बैंकों को त्रैमासिक रिपोर्ट देने के साथ साथ हर माह के 5 तारीख तक मासिक प्रगति रिपोर्ट बैंकों को एलडीएम ऑफिस भेजने का निर्देश दिया ताकि विस्तृत चर्चा करते हुए समीक्षा की जा सके। जिलाधिकारी ने कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति और आगे हो रही प्रगति को लेकर क्षोभ प्रकट किया। जिले में करीब 2 लाख 40 हज़ार कृषक हैं। जिसमें बैंकों द्वारा 1 लाख कृषको तक ही बैंकों द्वारा ऋण दिया गया है। कृषि प्रधान जिला होने के कारण यह शोभनीय नही है। इसे गंभीरता से लेने हेतु जिलाधिकारी ने कहा स्टैंडअप और मुद्रा ऋण में बैंकों की उपलब्धि नगण्य के बराबर है। यह बैठक में चर्चा का विषय बना रहा। 2021-22 वर्ष में मुद्रा लोन पीएमइजीपी स्टैंडअप पर केंद्र सरकार की अपेक्षा के अनुसार बैंकों को कार्य करने का निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने चेतावनी भी दी। एटीएम का रखरखाव तथा बड़े बैंकों में छोटे बैंकों के हुए विलय से बैंको के खाताधारकों के बीच हुए परेशानियों के कारण सरकारी लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। डीबीटी के माध्यम से उन्हें लाभ नही मिल पा रहा है। इस पर प्रचार या अन्य माध्यम से जागरूक करने हेतु जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए। 30.06.2021 को एसएलबीसी के माध्यम से एनपीए वसूली की बैठक मुख्य सचिव के यहां होनी है। इस के एनपीए खाता धारी के रिपोर्ट हेतु एलडीएम को निर्देश दिए गए। एक्सिस,आईसीआईसीआई और एचडीएफसी जैसे बैंकों को विभिन्न माध्यमों से सूचना दिए जाने के बावजूद भी बैठक की प्राथमिकता को ध्यान नही दिये जाने और बैठक में उपस्थित नही होने को लेकर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने एसएलबीसी के उच्चाधिकारियों को इसकी शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में इस बात की जानकारी दी गई कि वर्ष 2020-21 का जिले का एसीपी 74% रहा एवं सीडी रेसियो 32% रहा। बैठक की कार्यवाही के अंत मे एलडीएम ने धन्यवाद ज्ञापन किया और सभी बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा 2021-22 वर्ष के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में बेहतर परिणाम देने का आश्वासन दिया गया। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र




