Ram Mandir: Ayodhya के कण-कण सुनाएंगे प्रभु श्रीराम की गौरवगाथा, रामनगरी अयोध्या की साज सज्जा में आई तेजी

Ayodhya News: उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण की ओर एक और कदम बढ़ाया जाना शुरू हो गया है। रामनगरी अयोध्या को नव्य-भव्य रूप में सजाया जाना शुरू है।
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अयोध्या, (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण की ओर एक और कदम बढ़ाया जाना शुरू हो गया है। रामनगरी अयोध्या को नव्य-भव्य रूप में सजाया जाना शुरू है। इन कार्यों के पूरा होने पर अयोध्या की झलक कुछ ऐसी होगी कि यहाँ आने वाले हर श्रद्धालु को इसके कण-कण में विराजमान भगवान श्रीराम की उपस्थिति महसूस होगी।

सभी विकास कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो चुके हैं

अयोध्या में 22 जनवरी को प्रस्तावित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भव्य प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व 30 दिसंबर को पीएम नरेंद्र मोदी का दौरा प्रस्तावित है। इनके दौरे से पूर्व श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर रामायण काल के प्रमुख प्रसंगों का मनमोहक चित्रण किया जाना शुरू है। पीएम।मोदी के दौरे को ध्यान में रखकर इन प्रयासों में तेजी आने लगी है और सभी विकास कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो चुके हैं।

प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पूर्व इसको पूर्ण कर लिया जाएगा

मुख्यमंत्री योगी की मंशा अनुसार अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों की दीवारों को टेराकोटा फाइन क्ले म्यूरल कलाकृतियों से सजाने का कार्य तेज कर दिया है। दूसरी ओर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों की दीवारों को कंकड़-पत्थर से बनी कलाकृतियों से सजाने का कार्य भी शुरू है। इस कार्य को पूर्ण करने के लिए एजेंसी निर्धारण की प्रक्रिया भी शुरू है। माना जा रहा है कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पूर्व इसको पूर्ण कर लिया जाएगा।

एडीए का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाने का है

बता दें कि एडीए का उद्देश्य अयोध्या शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाने का है और वर्ष 2047 तक अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने पर लक्ष्य केंद्रित किया जा रहा है। अयोध्या में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिशा में भी सार्थक प्रयास हो रहे हैं। यह शहर प्राचीनता व आधुनिकता के जीवंत मिश्रण के प्रतीक बन सकेंगे।

धर्म पथ व प्रमुख मार्गों पर बन रही हैं कलाकृतियां

अयोध्या के प्रतिष्ठित धर्म पथ के किनारे टेराकोटा कलाकृतियों व भित्तिचित्रों को उकेरा जा रहा है। प्रभु श्रीराम के जीवनकाल से जुड़े संदर्भों को दर्शाने का काम शुरू है। इनमें श्रीराम दरबार, खर-दूषण वध, कैकई कोप-भवन गमन दृष्य जैसे प्रसंग शामिल हैं। यह परंपरा और आधुनिकता के मिश्रण का प्रतीक है जो तीर्थयात्रियों और आगंतुकों को अयोध्या के कालातीत आकर्षण का अनुभव करने के लिए पर्याप्त है। धर्म पथ सड़क के किनारे टेराकोटा भित्तिचित्रों के निर्माण से यहां आध्यात्मिक शांति की तलाश में बड़ी संख्या में तीर्थ-यात्रियों और यात्रियों को आकर्षित कर रहा है जो सेल्फी प्वॉइंट में भी परिवर्तित हो गया है। ये भित्तिचित्र दृश्य इतिहास के रूप में काम कर रहे हैं, जो उन पवित्र किंवदंतियों, महाकाव्यों और कहानियों का वर्णन करते हैं, जो सदियों से अयोध्या के हृदयस्थल पर अंकित हैं। ये भित्तिचित्र तीर्थ-यात्रियों के सांस्कृतिक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेंगे, जो पवित्र अतीत और कोलाहल भरे वर्तमान के बीच की खाई को पाटेंगे। ये शहर के सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देंगे और ओपन एयर गैलरी के तौर पर भी कार्य करेंगे।

सिटी सर्किट को भव्य रूप दे रहे हैं टेराकोटा स्कल्पचर्स

टेराकोटा भित्तिचित्र की पहल ऐतिहासिक सिटी सर्किट और हेरिटेज वॉक की एडीए की रणनीति के अनुरूप है। कला, विरासत और बुनियादी ढांचे को एकीकृत करके, यह पहल ऐसे स्थान बनाने के रणनीतिक उद्देश्य को पूरा करती है जो निवासियों और यहां आने वाले तीर्थयात्रियों के बीच समान रूप से गर्व और अपनेपन की भावना पैदा करेगी।

म्यूरल स्कल्प्चर्स व भित्ति चित्र पेंटिंग्स की ऊंचाई है निर्धारित

यहाँ बनने वाले 50 से ज्यादा म्यूरल स्कल्प्चर्स व भित्ति चित्र पेंटिंग्स की ऊंचाई 09 फीट और चौड़ाई 20 फीट निर्धारित है। इनकी थीम अलग-अलग रामायण कांड पर आधारित होगी। इन्हें महीन मिट्टी (केवल नदी तल की फाइन क्ले) का उपयोग होगा। संक्षारण से बचने के लिए कलाकृतियों के निर्माण के लिए चयनित मिट्टी यूरिया और नमक से मुक्त होगी।

इस तापमान पर पकाई जाएंगी मिट्टी

कलाकृतियों की बेकिंग (फायरिंग) को 970-1050-डिग्री तापमान पर पकाया जाएगा। भित्तिचित्रों का उभार 08 इंच होगा तथा प्रत्येक भाग, टुकड़े और ब्लॉक को पॉलिमर मोर्टार द्वारा दीवार पर लगाया जाएगा जिन पर वेदर कोटिंग वाले पेंट ही लगाए जाएंगे।

कंकड़-पत्थर की 20 कलाकृतियों का होगा निर्माण

वहीं, कंकड़-पत्थरों से बनी कलाकृतियों के लिए भी ऊंचाई 09 फीट और चौड़ाई 20 फीट निर्धारित है। धर्म पथ के अगल-बगल कुल 20 ऐसी कलाकृतियों के निर्माण की योजना है। इन निर्माण कार्यों की पूर्ति के 2 महीने का लक्ष्य है, मगर मुख्य पथ पर संबंधित कलाकृतियों के निर्माण को 22 जनवरी के पहले पूर्ण करने पर फोकस है।

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