गुवाहाटी, 28 जनवरी (हि.स.)। अब असम पुलिस साइबर क्राइम के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई कर सकेगी। क्योंकि, पुलिस साइबर फॉरेंसिक लैब कम ट्रेनिंग सेंटर के साथ ही साइबर क्राइम फर्स्ट रिस्पांडर किट से लैस हो चुकी है। सोमवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने साइबर फॉरेंसिक लैब कम ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन किया। लगभग चार करोड़ की लागत से स्थापित किये गये इस लैब में साइबर क्राइम को रोकने संबंधी विभिन्न प्रकार के उपकरण मौजूद हैं। राजधानी के उलुबारी स्थित सीआईडी मुख्यालय में इसकी स्थापना की गई है। अब साइबर फॉरेंसिक लैब में आसानी से साइबर क्राइम पर काम किया जा सकेगा। इस लैब में साइबर फॉरेंसिक टूल्स, डिस्क फॉरेंसिक, जीपीएस फॉरेंसिक, मालवार एनालाइजर, मोबाइल फॉरेंसिक एवं अन्य विभिन्न प्रकार के एप्लीकेशन तथा ऐसे टूल मौजूद हैं, जिनके जरिए एक्सट्रैक्शन, इमेजिंग, डाटा रिकवरी, पासवर्ड रिकवरी आदि डिजिटल डिवाइस के जरिए किया जा सकेगा। इस लैब में 25 वर्क स्टेशन मौजूद हैं, जहां पुलिस कर्मियों को साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन से संबंधित ट्रेनिंग दिए जा सकेंगे। इसका निर्माण केंद्रीय गृह मंत्रालय की साइबर क्राईम प्रीवेंशन अगेंस्ट वूमेन एंड चिल्ड्रेन स्कीम के तहत किया गया है। सोमवार के समारोह के दौरान 245 साइबर क्राइम फर्स्ट रिस्पांडर किट भी राज्य के विभिन्न थानों के लिए बांटे गए। हर एक किट की कीमत 13 लाख रुपये से अधिक की बताई गई है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पुलिस कर्मियों को यह किट प्रदान किया जाएगा। अब साइबर क्राइम के सिलसिले में बगैर कोई विलंब किए हुए चौबीसो घंटे हेल्पलाइन पर पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। साइबर क्राइम से संबंधित शिकायतें 155260 पर की जा सकेंगी। आज के समय में जब हर तरफ साइबर क्राइम हो रहा है, लोगों का फोन हैक हो रहा है, बैंक अकाउंटों से पैसे उड़ा लिए जाते हैं- ऐसे समय में साइबर क्राइम से निपटने में पुलिस का सक्षम होना निश्चित है। यह राज्य की जनता के लिए खुशी की बात है। सोमवार को आयोजित समारोह के दौरान सिटीजन फिनेंशियल साइबर क्राईम रिर्पोटिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम भी शुरू किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश/ अरविंद




