नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। असम की सियासत में बड़ी हलचल मची हुई है। पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा ने खुलासा किया कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से कहा था, सर, मुझे अपमान महसूस हो रहा है। उनके अनुसार राहुल गांधी का जवाब सुनकर वह चौंक गए, क्योंकि उन्होंने कहा, मुझे भी बहुत अपमान सहना पड़ रहा है। इस घटना ने भूपेन बोरा को यह महसूस कराया कि उनके अपमान का कोई महत्व नहीं है और वह इसे और सहन नहीं कर सकते।
उनका राजनीतिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाता- गौरव गोगोई
भूपेन बोरा ने आगे बताया कि प्रियंका गांधी के असम कार्यक्रम के दौरान 9 फरवरी को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि जल्द से जल्द गठबंधन सरकार बनानी होगी। इस बैठक में यह तय हुआ कि इतने कम समय में सिर्फ भूपेन बोरा ही गठबंधन को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं। योजना के अनुसार, प्रियंका गांधी के कार्यक्रम में सभी गठबंधन सहयोगी एक साथ हाथ उठाकर गठबंधन की घोषणा करेंगे। भूपेन बोरा ने कहा कि उन्हें इस अवसर का लाभ उठाने में खुशी हुई, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई ने गठबंधन तोड़ा क्योंकि अगर यह गठबंधन सफल होता तो वे मुख्यमंत्री नहीं बन पाते और उनका राजनीतिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाता।
भूपेन बोरा ने बताया कारण
भूपेन बोरा ने यह भी कहा कि असम कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को अपमानित होना पड़ा है और वे बाकी नेताओं को मनाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निर्णय व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि राजनीतिक परिस्थितियों और गठबंधन की चुनौतियों के कारण लिया गया।
सियासी गलियारों में चर्चा
सियासी गलियारों में चर्चा है कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी इस बात की पुष्टि की है। वहीं भूपेन बोरा ने बताया कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें अपनी आगे की योजना और भाजपा में शामिल होने की स्थिति का ऐलान कर सकते हैं।
राज्य की सियासत में नए समीकरण
भूपेन बोरा का भाजपा में शामिल होना न सिर्फ असम कांग्रेस के लिए बड़ा झटका होगा, बल्कि असम की राजनीतिक तस्वीर को भी बदल सकता है। आगामी चुनावों में यह कदम भाजपा के लिए नई ताकत साबित हो सकता है और राज्य की सियासत में नए समीकरण तैयार कर सकता है।





