नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जहां एक ओर यह सच है कि भारत की आबादी तेजी से बढ़ रही है तो दूसरी ओर यह भी उतना ही सच है कि आंध्र प्रदेश की प्रजनन दर लगातार कम हो रही है। इसी मामले की गंभीरत को ध्यान में रखकर प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक अहम ऐलान किया है। उन्होंने विधानसभा में बताया कि राज्य में जन्म दर लगातार गिर रही है और अगर यही स्थिति रही तो आने वाले समय में राज्य को काम करने वाली युवा आबादी की कमी का सामना करना पड़ सकता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार एक नई जनसंख्या प्रबंधन नीति लागू करने की तैयारी कर रही है. राज्य सरकार दूसरे और तीसरे बच्चे के जन्म पर आर्थिक मदद देने की योजना ला रही है।
25000 हजार रुपये की मिलेगी सौगात
इस नीति के मुताबिक सरकार तीसरे बच्चे के पैदा होने पर 25000 रुपये की आर्थिक मदद देगी। इसके अलावा उस तीसरे बच्चे को 5 साल तक हर महीनें 1000 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। बच्चे को 18 साल की उम्र तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा और लोग ज्यादा बच्चों के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित होंगे। सरकार मार्च के अंत तक इस नीति को अंतिम रूप दे देगी जिसके बाद 1 अप्रैल से यह नीति लागू हो सकती है।
और किस राज्य में ऐसा प्रावधान है?
भारत के ज्यादातर राज्यों में अब तक जनसंख्या नियंत्रण की नीतियों पर ज्यादा जोर दिया गया है, लेकिन आंध्र प्रदेश की तरह जन्म दर बढ़ाने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन देने की योजनाएं अभी बहुत कम राज्यों में देखने को मिलती हैं। हालांकि कुछ राज्य समय-समय पर मातृत्व सहायता योजनाएं चलाते हैं, जिनका उद्देश्य प्रेगनेंट महिलाओं को आर्थिक मदद देना होता है। हालांकि, बच्चे पैदा करने पर सीधे आर्थिक सहायता देने जैसी योजना फिलहाल किसी अन्य राज्य में लागू नहीं की गई है।





