नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। जापान संगठन निहोन हिदानक्यो को साल 2024 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है। यह एक NGO है जो परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया बनाने के लिए प्रयास कर रहा है। यह परमाणु बम हमलों के जीवित बचे लोगों (हिबाकुशा) का संगठन है। इन लोगों के पास द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हिरोशिमा और नागासाकी पर गिरे परमाणु बम के समय का अनुभव है।
नोबेल समिति ने की है इस संस्था की सराहना
नोबेल समिति ने इस संस्था को परमाणु हथियारों का वैश्विक विरोध करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए सराहा है। समिति ने कहा है कि हिबाकुशा हमें अवर्णनीय का वर्णन करने, ऐसा सोचने में मदद करती है जो हम कभी भी सोच नहीं सकते हैं।
इससे पहले साल 2023 में किसे मिला था यह पुरस्कार
साल 2023 में यह पुरस्कार ईरानी कार्यकर्ता नर्गेस मोहम्मदी को दिया गया था। उन्हें यह पुरस्कार महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ उनकी लड़ाई और सभी के मानवाधिकारों और आजादी को बढ़ावा देने की उनकी लड़ाई कि ले दिया गया था।
क्या है नोबेल पुरस्कार
नोबल पुरस्कार हर साल उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने इंसानियत के हित के लिए कार्य किया है। यह पुरस्कार 6 क्षेत्रों में दिए जाते हैं। इनमें फिजिक्स, केमेस्ट्री, मेडिसन, शांति, साहित्य और अर्थशास्त्र शामिल है।
जिन लोगों को यह सम्मान दिया जाता है उन्हें एक सर्टिफिकेट, नकद धनराशि और एक पदक दिया जाता है।
और किन्हे मिला यह पुरस्कार
इस साल का नोबल पुरस्कार नए प्रोटीन को डिजाइन करने के लिए डेविड बेकर, डेमिस हसबिस और जॉन जम्पर को भी दिया गया है।
सबसे पहले साल 1901 में यह पुरस्कार दिया गया था। इसके विजेता को 150,782 स्वीडिश क्रोनर देकर सम्मानित किया गया था। इसकी कीमत भारतीय रुपयों में 11 लाख रुपये से अधिक थी। यह मूल्य अब बढ़कर 8 करोड़ से अधिक हो गया है।





