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जगदलपुर:नक्सलियों के गढ़ अबूझमाड़ से होगा दांडी पदयात्रा का आगाज 12 मार्च से

रायपुर में पीडि़तों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा 23-24 मार्च को जगदलपुर, 11 मार्च(हि.स.)। बस्तर में नई शांति प्रक्रिया समूह के बैनर तले 12 मार्च को अबूझमाड़ नारायणपुर से दांडी पदयात्रा -2 का आगाज किया जा रहा है । इस यात्रा का उद्देश्य बस्तर में शांति स्थापना है। पिछले साल समूह को 92 प्रतिशत लोगों से जो जनमत संग्रह प्राप्त हुआ था उसके अनुसार सभी ने यही कहा था कि नक्सली हिंसा का समाधान बातचीत से ही संभवहै। उसी जनमत को आगे बढ़ाने के लिए बस्तर में लड़ रहे दोनों-पक्षों से अनुरोध करने पीडि़त परिवार और उनके साथी नक्सलियों के गढ़ से पदयात्रा करने जा रहे हैं। पदयात्रा चूंकि गांधीजी के दांडी यात्रा दिवस 12 मार्च से शुरू हो रही है ,इसे दांडी मार्च-2 नाम दियागया है। यात्रा के अंत में 23-24 मार्च को रायपुर में पीडि़तों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। ऐसा पहली बार होगा जब दोनों पक्ष के लोग एक मंच पर उपस्थित होंगे। नई शांति प्रक्रिया समूह का कहना है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणा पत्र में यह वादा किया था कि यदि वे चुनाव जीतते हैं तो नक्सली समस्या के समाधान के लिए बातचीत के गंभीर प्रयास करेंगे। यह पदयात्रा संघर्षरत दोनों पक्षों से अनुरोध करती है जैसा प्रयास नेपाल और कोलंबिया जैसे देशों में किया गया वैसा ही यहां किया जाए। दुनियाभर में शांति के औजार नाम से मशहूर विक्टिम्स रजिस्टर पर अब बस्तर में भी काम हुआ है।बस्तर में शांति प्रक्रिया पर काम करने वाले लोगों ने यहां भी विक्टिम्स रजिस्टर तैयार किया है। 23 मार्च को दांडी यात्रा को खत्म करने के बाद विक्टिम रजिस्टर में अपनी व्यथा दर्ज करवाने वाले दोनों ओर के हिंसा प्रभावित ही एक मंच में बैठेंगे। विक्टिम्स रजिस्टर यानि पीडि़तों का रजिस्टर जिसमें हिंसा में दोनों ओर से परेशान पीडि़त लोगों की बातें सुनी जाएगी। शांति से जुड़े लोगों की मानें तो अब तक बस्तर में दोनों ओर की हिंसा से पीडि़त पांच हजार लोगों ने व्यथा अपनी आवाज में रिकार्ड करवा दी है। इनमें पुलिस पीडि़त, नक्सल पीडि़त दोनों शामिल हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ राकेश पांडे

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