back to top
28.1 C
New Delhi
Saturday, March 28, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Iran-Israel Conflict: इजराइल जल रहा खुद पर हुए हमले की भावना से, ईरान को करारा जवाब देने को बेताब

इजराइल अपने ऊपर हुए हमले का हर हालत में जवाब देना चाहता है। उसको अमेरिका और दूसरे पार्टनर देशों की भी मदद चाहिए। ईरान पर हमले के लिए अमेरिका हरी झंडी नहीं दे रहा है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इजराइल पर ईरान द्वारा किए गए हमले का जवाब कब और कैसे देना है, इसे लेकर फैसला आज लिया जा सकता है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अगुआई में इजराइली वार कैबिनेट एवं सुरक्षा कैबिनेट इस एजेंडे के साथ बैठक करने वाली है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि इस फैसले में केवल इजाइल की राय होगी, सहयोगी देशों के मशवरे को नहीं माना जाएगा। इजराइल दौरे पर आए ब्रिटेन और जर्मनी के विदेश मंत्रियों को भी इजराइली प्रधानमंत्री ने अपनी मंशा बता दी है।

ईरान पर हमले को लेकर इजराइल के लिए क्या है चुनौती?

इजराइल अपने ऊपर हुए हमले का हर हालत में जवाब देना चाहता है. ईरान पर हमले के लिए इजराइल को अमेरिका और दूसरे पार्टनर देशों की हर हालत में मदद चाहिए। ईरान और इजराइल के बीच 1500 किलोमीटर का फासला है। किसी भी तरह के हवाई हमले के लिए इजराइल को जॉर्डन, ईराक और सीरिया के हवाई क्षेत्र का भी इस्तेमाल करना होगा। ईरान ने 350 से अधिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया था तो इजराइल को जवाबी हमला इससे बड़ा और घातक करना होगा।

इजराइली हमले के लिए मध्य-पूर्व देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस एवं रेड सी और आसपास मौजूद अमेरिका और पार्टनर देशों के एयरक्राफ्ट कैरियर की भी मदद चाहिए। इजराइली सेना ने हमले को लेकर कई तरह के विकल्प सरकार के सामने रखे हैं। अमेरिका को आशंका है कि इजराइली हमले को समर्थन देने से ईरान भड़केगा और फिर मध्य-पूर्व देशों में अमेरिकी बेस पर हमले का बहाना बनाएगा जिससे ना चाहते हुए भी जॉर्डन, सउदी अरब, कतर, इराक एवं दूसरे देशों को इस जंग में कूदना पड़ेगा।

दुविधा में इजराइल

13-14 अप्रैल को ईरान की 350 से अधिक मिसाइलों एवं ड्रोन हमले का जवाब देने के लिए इजराइली सरकार और सेना अपना मन बना चुकी है। इजराइल के सामने दोहरी समस्या है। एक तो ईरान पर हमले के लिए अमेरिका हरी झंडी नहीं दे रहा है, वहीं दूसरी ओर हिब्रू यूनिवर्सिटी के एक ओपिनियन पोल के मुताबिक 74 फीसदी लोगों का मानना है कि अगर इजराइल के सहयोगी देश तैयार नहीं है, तो इजराइल को ईरान पर हमला नहीं करना चाहिए।

लोगों ने ओपिनियन पोल में रखी राय

हिब्रू यूनिवर्सिटी के इस पोल में 1466 लोगों ने हिस्सा लिया था। केवल 26 फीसदी लोगों का मानना है कि इजराइल को हर कीमत पर ईरान को करारा जवाब देना चाहिए। 56 फीसदी लोग यह भी मानते हैं कि इजराइल को अपने पार्टनर देशों की राजनीतिक एवं रणनीतिक मांगों का सकारात्मक जवाब देना चाहिए। 12 फीसदी लोग अमेरिका और दूसरे पार्टनर देशों की चिंताओं की परवाह नहीं करने की बात कह रहे है। ओपिनियन पोल में भाग लेने वाले 32 फीसदी लोग ईरान पर हमले को लेकर यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि इजराइल और उसके पार्टनर देशों में से किसकी राय सही है।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

जंग जारी रही तो होंगे गंभीर दुष्परिणाम! राज्यसभा में मिडिल ईस्ट जंग पर बोले PM मोदी, कहा- हर संकट के लिए भारत तैयार

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राज्यसभा में मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर...
spot_img

Latest Stories

राम से हनुमान तक कंफर्म हुई Ramayana की पूरी कास्ट, जानिए कौन निभाएगा किसका रोल?

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) की...

रूहानी नाम का मतलब- Ruhaani Name Meaning

Meaning of Ruhaani /रूहानी नाम का मतलब: Spiritual/ आध्यात्मिक Origin...

जिम जाने वालों के लिए ये फल है खास, इसमें होता है जादा प्रोटीन

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में सेहतमंद...

Asansol Dakshin Assembly Election 2026: इस सीट पर किसकी जीत? जानिए क्यों अहम है आसनसोल दक्षिण सीट?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट West Bengal...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵