CAA में मुस्लिमों को क्यों नहीं जोड़ा गया? भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कैसे करें समेत सभी सवालों के जवाब यहां

CAA Details: देश में लागू हुए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) अब भी विवादों में है। हर किसी के मन में एक सवाल कॉमन है कि इसमें मुस्लिमों को शामिल क्यों नहीं किया गया है?
सीएए पर अपनी बात रखते गृह मंत्री अमित शाह। फाइल फोटो।
सीएए पर अपनी बात रखते गृह मंत्री अमित शाह। फाइल फोटो।रफ्तार।

नई दिल्ली, रफ्तार। देश में लागू हुए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) अब भी विवादों में है। हर किसी के मन में एक सवाल कॉमन है कि इसमें मुस्लिमों को शामिल क्यों नहीं किया गया है? इसको लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में बताया था कि मुस्लिम देश अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में धर्म के नाम पर बहुसंख्यक मुस्लिमों का उत्पीड़न नहीं होता है। उन देशों में हिंदुओं समेत अन्य समुदायों के लोगों को धर्म के आधार पर प्रताड़ित किया जाता है, इसलिए वहां के मुस्लिमों को सीएए में शामिल नहीं किया गया है।

किसे मिलेगी नागरिकता?

नागरिकता देने का अधिकार पूरी तरह से केंद्र सरकार के पास है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई, पारसी शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता मिलेगी। जो लोग 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आकर बसे थे, उनको ही नागरिकता दी जाएगी। सीएए के तहत उनको अवैध प्रवासी माना गया है, जो भारत में वैध यात्रा दस्तावेज (पासपोर्ट और वीजा) के बगैर घुसे हैं या फिर वैध दस्तावेज के साथ भारत आए हैं, लेकिन तय अवधि से अधिक समय तक यहां रुके हों।

नागरिकता के लिए आवेदन कैसे करें?

नागरिकता पाने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसके लिए केंद्र सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल तैयार कराया है। नागरिकता पाने के लिए आवेदकों को वह साल बताना होगा, जब वह बिना दस्तावेज के भारत में घुसे थे। उनसे किसी तरह का दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। नागरिकता से जुड़े जितने मामले लंबित हैं, उनको ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाना है। पात्र शरणार्थियों को सिर्फ पोर्टल पर आवेदन करना होगा, जिसके बाद गृह मंत्रालय आवेदन की जांच-पड़ताल करेगा और फिर आवेदक को नागरिकता दे दी जाएगी।

इसी महीने लांच हो सकता है पोर्टल

केंद्र सरकार ने सीएए पोर्टल तैयार करा लिया है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो इसी महीने पोर्टल को लांच किया जा सकता है। इसके बाद पोर्टल को लाइव कर दिया जाएगा।

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