नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जो बिना किसी चेतावनी के आती है और भारी तबाही मचा देती है। अब तक का सबसे ताकतवर भूकंप 1960 में चिली के बायोबियो इलाके में आया था। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 9.5 थी। इस भूकंप में करीब 1,655 लोगों की जान गई और 20 लाख लोग बेघर हो गए। इस भूकंप को वाल्डिविया भूकंप या ग्रेट चिली भूकंप भी कहा जाता है। 11 मार्च 2011 को जापान के तोहोकू इलाके में 9.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके बाद विनाशकारी सुनामी आई। इस आपदा में 15,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और 130,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए। यह भूकंप समुद्र के नीचे आया था, जिससे ऊंची-ऊंची लहरों ने जापान के तटीय इलाकों को तबाह कर दिया।
रूस में आया 8.8 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा
हाल ही में रूस के सुदूर पूर्वी तटीय क्षेत्र में 8.8 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया। इस भूकंप ने उत्तरी प्रशांत क्षेत्र में सुनामी पैदा कर दी। जापान और अमेरिका ने अपने-अपने तटीय क्षेत्रों में सुनामी अलर्ट जारी किया है। हवाई में 12 फीट तक ऊंची लहरों की चेतावनी दी गई है। नुकसान कितना होगा, यह आने वाला समय बताएगा।
भारत में अब तक का सबसे बड़ा भीषण भूकंप
भारत में अब तक का सबसे भीषण भूकंप 15 अगस्त 1950 को आया था। यह भूकंप असम और अरुणाचल प्रदेश के इलाके में आया और इसकी तीव्रता 8.6 थी। इससे 780 लोगों की मौत हो गई और कई जगहों पर भूस्खलन और जमीन में दरारें आ गईं। इस भूकंप को असम-तिब्बत भूकंप भी कहा जाता है। 26 दिसंबर 2004 को हिंद महासागर में आए भूकंप के कारण भयानक सुनामी आई, जिसमें ढाई लाख से ज्यादा लोगों की जान चली गई। भारत के तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पांडिचेरी में इस सुनामी से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। यह सुनामी अंडमान-निकोबार से करीब 1000 किमी दूर समुद्र में आए भूकंप के कारण आई थी।
भूकंप को कैसे मापा जाता है?
भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है। यह एक लॉगरिदमिक स्केल होती है, यानी हर एक अंक की बढ़ोतरी से भूकंप की ताकत 10 गुना ज्यादा हो जाती है। 5.0 तीव्रता सामान्य 6.0 तीव्रता 10 गुना ज्यादा ताकतवर 7.0 तीव्रता 100 गुना ज्यादा ताकतवर भूकंप एक ऐसी आपदा है जिसे रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन समय रहते अलर्ट और तैयारी से नुकसान को कम किया जा सकता है। चाहे वो 1960 का चिली भूकंप हो या 2004 की सुनामी हर बार एक सीख मिलती है कि प्रकृति के सामने इंसान को सजग और सतर्क रहना जरूरी है।





