संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने 11वें आपात विशेष सत्र के दौरान गुरूवार को एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें यूएन मानवाधिकार परिषद में रूसी महासंघ की सदस्यता को निलम्बित किये जाने की मांग की गई है. यूएन महासभा के विशेष आपात सत्र के दौरान गुरूवार को ‘मानवाधिकार परिषद में रूसी महासंघ की सदस्यता के अधिकार के निलम्बन’ के विषय में एक प्रस्ताव पेश किया गया. 193 सदस्य देशों वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस प्रस्ताव को दो-तिहाई बहुमत प्राप्त हुआ. इसके पक्ष में 93 वोट डाले गए, 24 सदस्य देशों ने विरोध में मतदान किया, जबकि 58 देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. 24 फ़रवरी को यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद से, यूक्रेन के अनेक शहरों में भीषण लड़ाई में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है, लाखों लोग विस्थापित हुए हैं, मानवीय संकट उत्पन्न हुआ है और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप भी लगे हैं. यूक्रेन के बूचा क़स्बे में कथित रूप से रूसी सैन्य बलों द्वारा मानवाधिकार हनन के मामलों के यूक्रेन में युद्ध के मुद्दे पर यूएन महासभा का विशेष आपात सत्र गुरूवार को फिर से शुरू हुआ. अन्तरराष्ट्रीय समाचार माध्यमों के अनुसार, बूचा में अनेक सप्ताहों की गम्भीर लड़ाई और फिर, रूसी सेनाओं की वापसी के बाद सड़कों और मैदानों में लोगों के शव पड़े देखे गए हैं. UN News यूएन महासभा में मतदान के नतीजे. मतदान से पहले, यूक्रेन के राजदूत सर्गेइ किस्लित्स्या ने सदस्य देशों से प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया. “बूचा और दर्जन से अधिक अन्य यूक्रेनी शहरों और गाँवों, जहाँ हज़ारों शान्तिपूर्ण निवासियों को मार दिया गया, यातनाएं दी गईं, बलात्कार व अगवा किया गया और रूसी सेना द्वारा लूटा गया, ये एक उदाहरण है कि किस तरह नाटकीय ढँग से रूसी महासंघ, मानवाधिकारों के विषय में अपनी आरम्भिक घोषणाओं से दूर चला गया है.” “यही वजह है कि यह मामला अनूठा है और आज की प्रतिक्रिया स्पष्ट व स्व-व्याख्यात्मक है.” संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थाई उप प्रतिनिधि गेनाडी कुज़मिन ने देशों से इस प्रस्ताव के विरोध में मतदान करने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने, पश्चिमी देशों व उनके सहयोगियों द्वारा मौजूदा मानवाधिकार तंत्रों को तबाह करने की कोशिश बताया. 47 सदस्य देशों वाली संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के सदस्य, यूएन महासभा के 193 सदस्य देशों से मिले बहुमत के आधार पर चुने जाते हैं, जिसके लिये प्रत्यक्ष और गुप्त मतदान होता है. –संयुक्त राष्ट्र समाचार/UN News





