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यूक्रेनी राष्ट्रपति: शान्ति के लिये हो कार्रवाई, या फिर भंग हो सुरक्षा परिषद

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर ज़ेलेन्स्की ने सोमवार को सुरक्षा परिषद में अपने भावपूर्ण सम्बोधन में, बूचा में रूसी सैन्य बलों द्वारा कथित रूप से जानबूझकर आम नागरिकों का संहार किये जाने पर क्षोभ व्यक्त करते हुए आगाह किया है कि मौजूदा घटनाक्रम सुरक्षा परिषद और वर्ष 1945 के बाद स्थापित वैश्विक सुरक्षा तंत्र के अस्तित्व लिये एक नई चुनौती पेश कर रहा है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद को या तो शान्ति के लिये कार्रवाई करनी चाहिए, या फिर स्वयं को भंग कर लेना चाहिए. राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि, “हम एक ऐसे देश का सामना कर रहे हैं, जोकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वीटो को मरने के अधिकार में तब्दील कर रहा है.” उन्होंने कहा कि अगर यह स्थिति जारी रही तो, देश सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये अन्तरराष्ट्रीय क़ानून या वैश्विक संस्थाओं के बजाय, अपने हथियारों की शक्ति पर भरोसा करेंगे. I regret the divisions that have prevented the Security Council from acting on Ukraine & other threats to peace. Today I urged its member countries to do everything in their power to end the war and mitigate its impact on the people of Ukraine & beyond. pic.twitter.com/HQp9ktkdIe — António Guterres (@antonioguterres) April 5, 2022 यूक्रेन के राष्ट्रपति ने बताया कि वह कुछ ही समय पहले बूचा से लौटे हैं, जोकि राजधानी कीयेफ़ के बाहरी इलाक़े में स्थित और हाल ही में मुक्त कराया गया एक इलाक़ा है. यहाँ पिछले सप्ताहांत, सड़कों पर बड़ी संख्या में आम लोगों के शव पड़े होने की तस्वीरें सामने आई थी. राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की के मुताबिक़ रूसी सैन्य बलों ने यूक्रेन के लये सेवारत हर एक व्यक्ति की तलाश की और फिर उसे जानबूझकर मार दिया. उन्होंने कहा कि पीड़ितों को यातना दिये जाने के बाद उनके सिर में गोली मार दी गई, उन्हें कुँओं में फेंक दिया गया, टैण्क से कारों में बैठे व्यक्तियों को कुचल दिया गया और कुछ लोगों के हाथ-पाँव और जीभ काट दी गईं. यूक्रेन के राष्ट्रपति ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए रूस पर आरोप लगाया कि यूक्रेनी नागरिकों को मूक दास बनाने की कोशिशें की गई हैं. साथ ही, खुले रूप से सब कुछ चुरा लिया गया है, “भोजन से शुरू करते हुए, सोने की बालियों तक, जिन्हें खींच लिया गया और जिन पर रक्त लगा था.” राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने कहा कि ये तिकड़मबाज़ी, आतंकवादी संगठन दाएश से अलग नहीं हैं; फ़र्क़ इतना है कि अब इन्हें सुरक्षा परिषद के एक स्थाई सदस्य द्वारा अंजाम दिया जा रहा है. “वो सुरक्षा कहाँ है जिसकी गारण्टी सुरक्षा परिषद को देनी होगी.” शान्ति में निहित शक्ति यूक्रेनी राष्ट्रपति ने ध्यान दिलाया कि यहूदियों के जनसंहार (हॉलोकॉस्ट) को अंजाम देने वाला ऐडॉल्फ़ आइख़मान भी दण्ड से नहीं बच पाया, और कहा कि यह समय सुधारों का है. “शान्ति में निहित शक्ति का दबदबा बनाया जाना होगा.” उन्होंने सुरक्षा परिषद के समक्ष चुनौती पेश करते हुए कहा कि या रूसी महासंघ को युद्ध की वजह के कारण हटाये जाना चाहिए ताकि अपनी स्वयं की आक्रामकता के सम्बन्ध में लिये गए निर्णयों में और रोड़ा ना अटकाया जा सके. या फिर अगर बातचीत में शामिल होने के बजाय कुछ और करने के लिये नहीं है, तो फिर परिषद को पूर्ण रूप से भंग कर दिया जाना चाहिए. “क्या आप संयुक्त राष्ट्र को बन्द करने के लिये तैयार हैं? क्या आप सोचते हैं कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के लिये समय चला गया है.” “यूक्रेन को शान्ति की ज़रूरत है. योरोप को शान्ति की ज़रूरत है. दुनिया को शान्ति की आवश्यकता है.” इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने उन दरारों पर गहरा खेद प्रकट किया है, जोकि सुरक्षा परिषद को ना सिर्फ़ यूक्रेन के मुद्दे पर, बल्कि दुनिया में शान्ति के लिये अन्य ख़तरों पर कार्रवाई से रोकते हैं. उन्होंने सुरक्षा परिषद से यूक्रेन में युद्ध का अन्त करने के लिये हरसम्भव प्रयास किये जाने की पुकार लगाई है. मृतकों की दोगुनी संख्या राजनैतिक व शान्तिनिर्माण मामलों के लिये संयुक्त राष्ट्र प्रमुख रोज़मैरी डीकार्लो ने भी बताया कि 17 मार्च के बाद से देश में हालात और बिगड़े हैं. हिंसा में मारे जाने वाले लोगों की संख्या दोगुने से अधिक हो चुकी है; यूक्रेनी शहरों पर बर्बर गोलाबारी और हवाई बमबारी जारी है; और लाखों लोग दुस्वप्न सरीखी परिस्थितियों मे घेराबन्दी वाले इलाक़ों में फँसे हुए हैं. “मारियुपोल और अन्य यूक्रेनी शहरों में मची बर्बादी इस नासमझी भरे युद्ध की एक शर्मनाक पहचान है.” यूएन अवर महासचिव ने कीयेफ़ और मॉस्को से आग्रह किया कि वार्ताओं में अब तक हुई प्रगति को ज़मीनी धरातल पर उतारा जाना होगा. UN Photo/Loey Felipe राजनैतिक एवं शान्तिनिर्माण मामलों की यूएन प्रमुख रोज़मैरी डीकार्लो, यूक्रेन मुद्दे पर सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए. इस क्रम में, अंधाधुंध हमलों को रोका जाना होगा जिन पर अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के तहत पाबन्दी है और जिन्हें युद्धापराध की श्रेणी में रखा जा सकता है. राहत प्रयासों के लिये चुनौती आपात राहत मामलों में समन्वय के लिये संयुक्त राष्ट्र प्रमुख मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने जिनीवा से जानकारी देते हुए बताया कि एक-चौथाई से अधिक यूक्रेनी आबादी घर छोड़कर जा चुकी है. “ख़तरनाक परिस्थितियों के कारण, आम नागरिकों तक हमारे, या फिर उनके द्वारा हम तक पहुँचने के प्रयासों में अवरोध पेश आ रहे हैं.” उन्होंने कहा कि राहत सामग्री लेकर जाने वाला एक और काफ़िला द्निप्रो से सुदूर पूर्व में सिवियेरोदोनेत्स्क के लिये रवाना किया गया है, जोकि प्रगति का एक संकेत है. इस काफ़िले के ज़रिये भोजन, कपड़े, ग़ैर-भोज्य सामग्री, दवा और स्वच्छता के लिये अन्य सामान भेजा गया है. UN Photo/Loey Felipe मानवीय मामलों में समन्वय के लिये यूएन प्रमुख मार्टिन ग्रिफ़िथ्स. एक लम्बा रास्ता राहत मामलों के लिये यूएन के शीर्ष अधिकारी ने बताया कि उनकी 4 अप्रैल को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोफ़ और अन्य मंत्रियों से बातचीत हुई है. वार्ता के दौरान सैन्य कार्रवाई पर विराम लगाने के मुद्दे पर चर्चा हुई ताकि आम नागरिकों को हिंसा प्रभावित इलाक़ों से सुरक्षित बाहर निकालना और राहत सामग्री को पहुँचाया जाना सम्भव हो सके. मार्टिन ग्रिफ़िथ्स के मुताबिक़ इन बैठकों के बाद उनका मानना है कि अभी एक लम्बा रास्ता तय किया जाना बाक़ी है, मगर उस पर चलना ज़रूरी है और चला जाएगा. यूएन अवर महासचिव का 7 अप्रैल को यूक्रेन जाने का कार्यक्रम है, जहाँ वह इन्हीं मुद्दों पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से बातचीत करेंगे. --संयुक्त राष्ट्र समाचार/UN News

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