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यूक्रेन: 30 हज़ार यूक्रेनी प्रतिदिन लौट रहे हैं स्वदेश वापिस, राहत एजेंसियाँ

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कर्मियों का कहना है कि यूक्रेन पर 24 फ़रवरी को शुरू हुए रूसी महासंघ के हमले के बाद सुरक्षा के लिये विदेशों को गए यूक्रेनी लोगों में से लगभग आठ लाख 70 हज़ार लोग वापिस स्वदेश लौट आए हैं. जबकि देश के भीतर लगातार बदतर होती खाद्य सुरक्षा की स्थिति पर चिन्ताएँ भी व्यक्त की गई हैं. संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय OCHA ने देश की ‘सीमा सुरक्षा सेवा’ के हवाले से कहा है कि प्रतिदिन लगभग 30 हज़ार यूक्रेनी लोग स्वदेश वापिस लौट रहे हैं. "The situation for people living with #HIV in Ukraine is desperate. We're trying to deliver medicines, food & other assistance to people in need but the work is dangerous & volunteer drivers are putting their lives at risk" — Dmytro Sherembey Read more https://t.co/aOZ5e2TOMK — UNAIDS (@UNAIDS) April 14, 2022 राहत आपूर्ति में चुनौती यूएन मानवीय सहायता एजेंसी ने एक वक्तव्य में कहा है कि स्वदेश वापिस लौटने वालों की ये अहम संख्या दिखाती है कि ऐसे लोगों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी, जिससे मानवीय सहायता उपलब्ध कराने में नई चुनौतियाँ आएंगी, क्योंकि लोगों को अपने समुदायों में फिर से घुलने-मिलने, या अगर उनके ख़ुद के घर अब रहने योग्य नहीं बचे हैं तो मेज़बान समुदायों की मदद हासिल करने में सहारे की ज़रूरत पड़ेगी. यूक्रेन में लगभग सवा करोड़ लोगों को मदद की ज़रूरत है, मानवीय सहायता एजेंसियों ने अभी तक उनमें से लगभग 21 लाख लोगों तक सहायता पहुँचाई है. यूक्रेन के लिये संयुक्त राष्ट्र की एक अरब 10 करोड़ डॉलर की औचक सहायता अपील की राशि में से, लगभग 64 प्रतिशत रक़म हासिल हो गई है. पूर्व और दक्षिण में युद्ध का विध्वंस युद्ध मुख्य रूप से पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में केन्द्रित रहा है जहाँ जान-माल का भारी नुक़सान हुआ है और वहाँ मानवीय सहायता की विशाल ज़रूरतें उत्पन्न हुई हैं. यूएन मानवीय सहायता एजेंसी ने यूक्रेन के केन्द्रीय और उत्तरी क्षेत्रों में भी रॉकेट हमले होने की ख़बरें दी हैं. यूक्रेन की आपदा सेवा के हवाले से ये भी बताया गया है कि लगभग तीन लाख वर्ग किलोमीटर के दायरे में, बारूदी सुरंगें साफ़ करनी पड़ेंगी जोकि देश का लगभग आधा इलाक़ा है. राहत कर्मियों की मौत यूएन राहत एजेंसी ने ताज़ा जानकारी में बताया है कि पूर्वी दोन्तेस्क क्षेत्र में, दो राहत कर्मी और उनके पाँच परिजन मारे गए हैं. वो लोग मारियूपोल कार्यालय में पनाह लिये हुए था जब एक वहाँ एक टैंक का ताबड़तोड़ हमला हुआ. ये घटना सम्भवतः 15 मार्च को हुई, मगर इसकी जानकारी हाल ही में प्राप्त हुई है, क्योंकि शहर कई सप्ताहों से बाक़ी हिस्सों से कटा हुआ था. इस बीच संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने आगाह किया है कि कम से कम 10 क्षेत्रों में तत्काल खाद्य असुरक्षा के मुद्दे हैं, जबकि अगले दो महीनों के दौरान खाद्य क़िल्लत बढ़ने वाली है क्योंकि अनेक इलाक़े युद्ध की चपेट में हैं. --संयुक्त राष्ट्र समाचार/UN News

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