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करोड़ों बच्चों की मदद की ख़ातिर, यूनीसेफ़ की रिकॉर्ड आपदा मदद अपील

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने दुनिया भर में, बच्चों के ख़िलाफ़ हमलों में बढ़ोत्तरी दर्ज होने की परिस्थितियों के बीच, उनकी मदद के लिये 9 अरब 40 करोड़ डॉलर की राशि जुटाने की अपील जारी की है जोकि अभी तक संगठन की सबसे बड़ी अपील है. यूएन बाल एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2020 में, बच्चों और किशोरों के गम्भीर मानवाधिकार हनन के लगभग 24 हज़ार मामले दर्ज किये गए, औसतन हर दिन क़रीब 72 मामले. As always, it is the children already living through crises who are the hardest hit. They need urgent help.https://t.co/yGm6UMw5Nf — Henrietta H. Fore (@unicefchief) December 7, 2021 पिछले वर्ष के अभियान की तुलना में ये अपील 31 प्रतिशत बड़ी है क्योंकि दुनिया भर में मानवीय सहायता सम्बन्धी ज़रूरतें बढ़ रही हैं, जिनमें संघर्ष, जलवायु संकट और अब कोविड-19 महामारी के कारण बढ़ावा हो रहा है. यूनीसेफ़ की कार्यकारी निदेशक हैनरीएटा फ़ोर का कहना है कि दुनिया भर में करोड़ों बच्चों को, संघर्ष, चरम मौसम की घटनाओं और जलवायु संकट के प्रभावों के कारण भारी तकलीफ़ों का सामना करना पड़ रहा है. तत्काल मदद हैनरीएटा फ़ोर ने कहा कि कोविड-19 महामारी तीसरे वर्ष में दाख़िल होने को है, तो मन्दी और भ्रम की शिकार अर्थव्यवस्थाओं, व्यापक होती निर्धनता और बढ़ती विषमता के माहौल में, इन बच्चों की मुश्किलें और ज़्यादा बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा, “हमेशा की तरह, पहले से ही संकटों के हालात में जीवन जीने वाले बच्चे, सबसे ज़्यादा प्रभावित होते हैं. उन्हें तत्काल मदद की ज़रूरत है.” चूँकि महामारी के कारण दुनिया भर में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बच्चों का रहन-सहन व्यापक रूप से लगातार प्रभावित हो रहा है, तो इस स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिये, संसाधन और औज़ार मुहैया कराने के वास्ते, तत्काल मदद की ज़रूरत है. यूनीसेफ़ की इस मदद अपील में से, 93 करोड़ 30 लाख डॉलर की रक़म विकास, उत्पादन और कोविड-19 के टैस्ट, उपचार और वैक्सीन तक पहुँच बढ़ाने के मदों पर ख़र्च की जाएगी. यूएन बाल एजेंसी का कहना है कि विभिन्न जानकारियों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण, आपदाओं का स्तर और सघनता बहुत गम्भीर हो रही है. एजेंसी के अनुसार, पिछले 30 वर्षों के दौरान, जलवायु सम्बन्धित त्रासदियों व आपदाओं की संख्या तीन गुना ज़्यादा बढ़ गई है. दुनिया भर में लगभग 40 करोड़ बच्चे, जल संकट वाले उच्च या अति उच्च प्रभावित इलाक़ों में रहते हैं. अफ़ग़ानिस्तान केन्द्रित यूनीसेफ़ की इस सहायता अपील में, दो अरब की राशि अफ़ग़ानिस्तान के लिये भी निर्धारित की गई है जहाँ, लगभग एक करोड़ 30 लाख बच्चों को तत्काल मानवीय सहायता की ज़रूरत है. किसी एक देश के लिये, यूनीसेफ़ की ये सबसे बड़ी सहायता अपील है. एजेंसी के एक वक्तव्य में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में लगभग 10 लाख बच्चे अत्यन्त गम्भीर कुपोषण के शिकार हैं. ये बच्चे ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ जीवन जी रहे हैं जो ढह जाने के संकट का सामना कर रही है. यूनीसेफ़ इस मदद राशि में से सीरिया, यमन और काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य और इथियोपिया के लिये भी धन आबण्टित करेगा. ध्यान रहे कि इथियोपिया में भी क्रूर और हिंसक लड़ाई के कारण हज़ारों बच्चों को विस्थापित होना पड़ा है. यूनीसेफ़ की इस सहायता अपील के जवाब में मिलने वाली धनाराशि के ज़रिये, वर्ष 2022 के दौरान, 145 देशों में क़रीब 17 करोड़ 70 लाख बच्चों के लिये चलाए जा रहे सहायता कार्यक्रमों को समर्थन दिया जाएगा. बच्चों व युवाओं के लिये वैश्विक फ़ोरम यूनीसेफ़ ने अपनी 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर, बच्चों व युवजन के लिये वैश्विक फ़ोरम की मेज़बानी के सिलसिले में, बोत्सवाना और स्वीडन की सरकारों के साथ हाथ मिलाया है. यह फ़ोरम बच्चों और युवजन के साथ-साथ, नेतृत्व कर्ताओं, विशेषज्ञों, बदलाव करने वालों और समाजों में अपनी विशेष पहचान और प्रभाव रखने वाली हस्तियों को एक मंच पर ला रहा है. तीन दिन के इस फ़ोरम में, 40 से अधिक सत्र चलेंगे जिनमें शीर्ष 100 वक्ता अपनी बात रखेंगे. इसमें जलवायु, मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, निर्धनता और हिंसा से बचाव जैसे विषयों को प्राथमिकता दिये जाने पर ध्यान केन्द्रित रहेगा. --संयुक्त राष्ट्र समाचार/UN News

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