नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों भारत और चीन की बढ़ती नजदीकी से नाराज़ बताए जा रहे हैं। ट्रंप ने चीन को सीधी धमकी देते हुए कहा कि अगर वे चाहें तो ऐसे “कार्ड” खेल सकते हैं जिससे चीन बर्बाद हो जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल अमेरिका-चीन रिश्ते बेहतर दिशा में बढ़ रहे हैं।
भारत पर 50% टैरिफ, वजह – रूसी तेल आयात
ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। उनका आरोप है कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है, जबकि अमेरिका रूस पर यूक्रेन युद्ध को लेकर पहले ही प्रतिबंध लगा चुका है। पहले भारत पर 25% टैरिफ था। ट्रंप ने इसे बढ़ाकर 50% कर दिया। यह टैरिफ 27 अगस्त से पूरी तरह लागू होने वाला है। भारत का कहना है कि कई अन्य देश भी अपने राष्ट्रीय हित में रूस से तेल खरीद रहे हैं, लेकिन अमेरिका ने केवल भारत को निशाना बनाया है।
भारत-चीन की नजदीकी से खफा ट्रंप
हाल ही में चीन ने भारत से दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए वादा किया है कि वह भारत को रेयर अर्थ मटेरियल और सुरंग खोदने वाली मशीनें उपलब्ध कराएगा। यही बात अमेरिका को खटक रही है। ट्रंप को आशंका है कि भारत-चीन की बढ़ती दोस्ती से अमेरिका को रणनीतिक नुकसान हो सकता है।
चीन पर नरमी क्यों?
दिलचस्प बात यह है कि जहां भारत को रूस से तेल खरीदने पर सजा दी जा रही है, वहीं चीन पर अमेरिका ने इतना सख्त रवैया नहीं अपनाया। चीन रूस से पहले 13% तेल लेता था, अब यह बढ़कर 16% हो गया है। इसके बावजूद अमेरिका ने चीन के खिलाफ केवल 30% तक का टैरिफ लगाया है। भारत का रूस से तेल आयात युद्ध से पहले 1% से भी कम था, लेकिन अब यह बढ़कर 42% हो गया है। वॉशिंगटन डीसी में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा,“चीन के पास अच्छे कार्ड हैं, लेकिन हमारे पास अविश्वसनीय कार्ड हैं। अगर मैं उन्हें खेल दूं, तो चीन बर्बाद हो जाएगा। मैं ऐसा करना नहीं चाहता।”
भारत का पलटवार
भारत ने ट्रंप के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल भारत को टारगेट करना गलत है। जब चीन जैसे बड़े खरीदार पर नरमी बरती जा रही है, तो भारत पर इतना भारी टैरिफ अनुचित है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका ने भारत पर यह 50% टैरिफ लागू किया, तो भारत-अमेरिका रिश्तों में खटास बढ़ सकती है। वहीं, भारत-चीन की नजदीकी अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।





