नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहा सीमा विवाद अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार को दोनों देशों के सैनिकों के बीच भीषण गोलीबारी हुई। इस झड़प में दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर पहले गोली चलाने का आरोप लगाया है।
क्या है विवाद की जड़?
ता मोआन थॉम मंदिर एक पुराना हिंदू मंदिर है जो दोनों देशों की सीमा पर स्थित है। यह क्षेत्र दशकों से विवादित माना जाता है। थाईलैंड और कंबोडिया, दोनों इस पर अपना-अपना दावा करते हैं। ड्रोन हमला और भारी हथियारों का इस्तेमाल रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, थाई सेना का आरोप है कि कंबोडियाई सेना ने ड्रोन के जरिए हमला शुरू किया और उसके बाद लॉन्चर और भारी हथियारों से हमला किया गया। जवाब में थाई सेना ने भी गोलाबारी की। यह इस हफ्ते दूसरी बार है जब इस क्षेत्र में संघर्ष हुआ है।
राजनयिक तनाव से बढ़ा मामला
इससे पहले थाईलैंड ने कंबोडिया से अपने राजदूत को वापस बुला लिया और बैंकॉक में तैनात कंबोडियाई राजनयिक को निष्कासित करने का ऐलान कर दिया। यह कदम तब उठाया गया जब एक थाई सैनिक बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया और घायल हुआ। थाईलैंड ने कंबोडिया पर नई सुरंगें बिछाने का आरोप लगाया, जिसे कंबोडिया ने सिरे से खारिज कर दिया। झड़प से ठीक पहले एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। थाईलैंड के प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा की कंबोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन से हुई गुप्त बातचीत लीक हो गई। इसके बाद थाई अदालत ने प्रधानमंत्री को निलंबित कर दिया। इसने राजनयिक संकट को और गहरा बना दिया। थाईलैंड के सुरिन प्रांत के गवर्नर ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में ही रहें और जरूरत पड़ने पर जल्द निकासी के लिए तैयार रहें। क्षेत्र में दशकों पहले हुई लड़ाई के समय की पुरानी बारूदी सुरंगें पहले से ही खतरा बनी हुई हैं। अब नई झड़पों ने चिंता को और बढ़ा दिया है। यह पहली बार नहीं है जब दोनों देशों के बीच यह सीमा विवाद हिंसक हुआ हो। 2011 में भी इसी क्षेत्र में हफ्तों तक झड़पें चली थीं, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए थे।





