नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टील और एल्युमिनियम पर आयात शुल्क दोगुना कर दिया है। अब इन पर 50% टैरिफ लगेगा। यह फैसला बुधवार से लागू हो गया है। ट्रंप का कहना है कि यह कदम अमेरिकी उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए है। हालांकि, ब्रिटेन (UK) को इस फैसले से बाहर रखा गया है। क्योंकि अमेरिका और UK के बीच पहले से व्यापार समझौता है, जिसके तहत टैरिफ की दरें तय की जा चुकी हैं। लेकिन भारत के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि भारतीय कंपनियां हर साल अमेरिका को भारी मात्रा में स्टील और एल्युमिनियम निर्यात करती हैं।
भारत से 4.56 अरब डॉलर का हुआ था निर्यात
वित्त वर्ष 2024 में भारत ने अमेरिका को करीब 4.56 अरब डॉलर (लगभग 38 हजार करोड़ रुपये) का स्टील और एल्युमिनियम एक्सपोर्ट किया था। अब 50% टैरिफ के कारण भारतीय माल अमेरिका में महंगा हो जाएगा, जिससे मांग में कमी आने की आशंका है।
ट्रंप बोले – “कोई हमारी इंडस्ट्री नहीं चुरा सकता”
पिछले हफ्ते ट्रंप ने पेंसिल्वेनिया में एक स्टील प्लांट के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यह ऐलान किया था। उन्होंने कहा, “अब कोई भी हमारी इंडस्ट्री को चुराने में सक्षम नहीं होगा।” यह फैसला ट्रेड एक्सपैंशन एक्ट 1962 की धारा 232 के तहत लिया गया है, जिसके तहत राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनज़र टैरिफ बढ़ाया जा सकता है।
भारत ने दिया जवाब – WTO को भेजा नोटिस
भारत ने अमेरिका के इस कदम के जवाब में जवाबी टैरिफ लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) को नोटिस भेजकर बताया है कि वह भी अमेरिका से आयातित कुछ सामानों पर शुल्क बढ़ा सकता है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका में व्यापार करना महंगा और मुश्किल हो जाएगा। अमेरिकी खरीदारों को अब स्टील और एल्युमिनियम पहले से महंगे मिलेंगे। भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला सिर्फ एक व्यापार नीति नहीं, बल्कि टैरिफ वॉर की शुरुआत मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस पर है कि भारत कब और कैसे जवाब देता है। यह साफ है कि आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका व्यापार रिश्तों में नई चुनौतियाँ देखने को मिल सकती हैं।





