नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क । गुजरात के सूरत से बैंकॉक के बीच एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पहली सीधी उड़ान शुरू की। इस उड़ान का पहला सफर गुजरातियों के यादगार बन गया। यात्रियों ने चार घंटे के सफर को एंजाय करते हुए 15 लीटर शराब गटक ली। वहीं यात्री इस फ्लाइट में थेपला और खमन जैसे पारंपरिक नाश्ते को भी खाते हुए नजर आए।
गौरतलब है कि गुजरात के सूरत से बैंकॉक के लिए यह पहली सीधी उड़ान थी, ये फ्लाइट पूरी फुल थी और यात्रियों ने इस सफर को खूब एंजॉय किया। यात्रियों ने अपने अनुभव शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर जैसे ही फोटोज और वीडियो शेयर किए तो लोग हैरान रह गए। वहीं कुछ लोगों ने गुजरातियों के खूब मजे भी लिए।
शराब प्रेमी गुजरातियों ने किया हैरान
एयर इंडिया सूत्रों के अनुसार गुजारातियों ने 4 घंटे के अंदर 15 लीटर शराब पी। शराब में शिवास रीगल, बकार्डी और बीयर ब्रांड शामिल रही, जिसकी कीमत 1.8 लाख रुपये थी। एयर इंडिया के चालक दल भी शराब प्रेमी गुजरातियों को देखकर हैरान रह थे, क्योंकि गुजरात राज्य में शराब प्रतिबंध है। ऐसे में एयर इंडिया प्रबंधक को लगा था कि शराब कम ही यात्री खरीदेंगे, इसलिए स्टॉक भी लिमिटेड ही था। ऐसे में इतने बड़े स्तर पर खपत देखते हुए चालक दल भी हैरान रह गए। स्टॉक की सारी शराब खत्म हो गई थी।
गुजराती यात्री अपने साथ थेपला और खमन भी लेकर आए थे। उड़ान भरते ही उन्होंने चखने निकाले और शराब का ऑर्डर देना शुरू कर दिया। 300 यात्रियों को लेकर यह फ्लाइट 4 घंटे के अंदर बैंकॉक पहुंची। लैंडिंग से पहले ही पूरी शराब खत्म हो गई।
सोशल मीडिया पर आए ये कमेंट
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि ‘इससे यह संकेत मिलता है गुजरात के लोग शराब पीना चाहते हैं। शायद यह इस राज्य को निषेध नीति की समीक्षा करने और शराब की बिक्री के माध्यम से राजस्व अर्जित करने का समय है।
वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि ‘सूरत से बैंकॉक की पहली शानदार उड़ान! उद्घाटन यात्रा में एयर इंडिया की फ्लाइट सूरती अंदाज में झूमी। यात्रियों ने अपने पसंदीदा थेपले, खमण और पिज्जा जैसे नाश्ते खाए, जिससे सफर एक सच्चा सुरती जश्न बन गया। इन-फ्लाइट सर्विस भी हिट रही, क्योंकि सारे स्नैक्स और ड्रिंक्स बिक्री हो गई।
गुजरात में प्रतिबंधित है शराब का सेवन
गुजरात में शराब पीना और इसे बेचना गैरकानूनी है। यहां इसकी बिक्री प्रतिबंधित है। राज्य में निषेध कानून लागू है, लेकिन यहां के निवासियों को शराब पीने से सराकर नहीं रोक सकी है।





