नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रीलंका सरकार की ओर से देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ प्रदान किया गया। कोलंबो में एक विशेष समारोह के दौरान राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को दिया। पीएम मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया और श्रीलंका के प्रति भारत की दोस्ती और सहयोग को दोहराया।
बौद्ध विरासत से जुड़े धर्म चक्र का विशेष महत्व
सम्मान में मिला ‘धर्म चक्र’ दोनों देशों की साझा बौद्ध विरासत और गहरे आध्यात्मिक रिश्तों का प्रतीक है। इसके साथ चावल से सजा कलश समृद्धि का, नवरत्न स्थायी मित्रता का और सूर्य-चंद्रमा कालातीत संबंधों का प्रतीक हैं।
‘भारत हर मुश्किल में श्रीलंका के साथ’
पीएम मोदी ने कहा कि चाहे 2019 का आतंकी हमला हो, कोरोना महामारी हो या हाल का आर्थिक संकट – भारत ने हर समय श्रीलंका का साथ दिया। उन्होंने ‘पड़ोसी प्रथम नीति’ और ‘विजन SAGAR’ महासागर के तहत श्रीलंका को प्राथमिकता देने की बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका में भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लिए 10,000 घरों के निर्माण की जानकारी दी। इसके साथ ही 700 श्रीलंकाई युवाओं, नेताओं और उद्यमियों को भारत में ट्रेनिंग दी जाएगी। दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, रक्षा, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। श्रीलंका की डिजिटल आईडी परियोजना के लिए भारत ने ₹300 करोड़ का अनुदान दिया है। भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस संवेदनशील मुद्दे पर मानवीय नजरिया अपनाने, मछुआरों को रिहा करने और उनकी नावें लौटाने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने बताया कि गुजरात के अरावली से प्राप्त भगवान बुद्ध के अवशेष दर्शन के लिए श्रीलंका भेजे जाएंगे। भारत त्रिंकोमाली के थिरुकोनेश्वरम मंदिर के जीर्णोद्धार में भी सहायता करेगा।
पीएम मोदी ने कहा – सम्मान भारत के हर नागरिक का
राष्ट्रपति अनुरा कुमारा ने कहा कि श्रीलंका अपने क्षेत्र का उपयोग भारत की सुरक्षा या क्षेत्रीय स्थिरता के खिलाफ नहीं होने देगा। दोनों देशों ने महाद्वीपीय शेल्फ के मसले पर संयुक्त राष्ट्र आयोग में चर्चा के लिए आपसी सहयोग का संकल्प लिया। भारत ने श्रीलंका को दी गई $100 मिलियन से अधिक की राशि को अनुदान में बदला है। इसके साथ ब्याज दरें कम करने का भी फैसला किया गया है। भारत का यह कदम श्रीलंका के आर्थिक सुधारों में मददगार साबित होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मित्र विभूषण’ सम्मान को न सिर्फ अपना, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार भारत और श्रीलंका की ऐतिहासिक दोस्ती और साझा संस्कृति का प्रतीक है।





