नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । सऊदी अरब में सोमवार (17 नवंबर 2025) को मक्का-मदीना मार्ग पर एक यात्री बस डीज़ल टैंकर से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि बस में सवार 42 भारतीय उमराह यात्रियों के मारे जाने की आशंका है। स्थानीय टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं।
शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसा मुफरीहाट इलाके में हुआ, जहां हैदराबाद से उमराह के लिए निकले यात्रियों की बस टैंकर से टकराई। बस में सवार पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित सभी भारतीय थे। स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच और राहत कार्य तेज़ कर दिए हैं।
दरअसल, उमराह यात्रियों के लिए सऊदी सरकार एक बीमा पॉलिसी लागू करती है, लेकिन ऐसे में यह सवाल उठता है कि, “मौत के बाद परिवार को कितनी रकम मिलेती है” इस बारे में आज हम इस खबर में विस्तार से बताएंगे।
हादसे में परिवार को कितना मिलेगा पैसा
सऊदी अरब में उमराह यात्रियों के लिए लागू अनिवार्य बीमा गंभीर हादसों में बड़ी राहत साबित होता है, हालांकि कई लोग इसकी जानकारी नहीं रखते। बीमा के तहत मृत्यु, दुर्घटना और इलाज सहित कई स्थितियों में मुआवज़ा मिलता है। साथ ही भारत सरकार भी पात्र मामलों में अतिरिक्त सहायता प्रदान करती है।
वीजा के साथ मिलता है बीमा
उमराह वीज़ा जारी होते ही सऊदी अरब हर तीर्थयात्री को अनिवार्य बीमा कवर प्रदान करता है, जो बिना किसी अतिरिक्त खरीद के स्वतः वीज़ा से जुड़ जाता है। इसका उद्देश्य मक्का-मदीना आने वाले यात्रियों को इलाज, दुर्घटना या किसी भी अनहोनी की स्थिति में तुरंत और व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कितने रुपये तक का होता है बीमा
सऊदी अरब में प्रवेश के साथ ही उमराह तीर्थयात्रियों का अनिवार्य बीमा स्वतः सक्रिय हो जाता है और 30 दिन तक वैध रहता है। इस अवधि में अस्पताल में भर्ती, कोविड जैसी आपात स्थिति या किसी दुर्घटना का पूरा खर्च कवर होता है। बीमा का अधिकतम कवरेज SR 100,000 यानी लगभग 22 लाख रुपये है।
मौत के बाद कितनी कितनी मिलती है रकम?
सऊदी अरब में उमराह के दौरान किसी तीर्थयात्री की मृत्यु की स्थिति में अनिवार्य बीमा उसके परिवार को SR 100,000 का भुगतान सुनिश्चित करता है। स्थानीय कानून के तहत अंतिम संस्कार आम तौर पर सऊदी अरब में ही होता है, लेकिन बीमा राशि परिवार को पूरी दी जाती है, जिसे तवुनिया जैसी कंपनियाँ जारी करती हैं।
भारत सरकार भी करती है मदद
भारत सरकार भी विदेश में भारतीय नागरिकों की मौत की स्थिति में सहायता प्रदान करती है। कल्याणकारी योजनाओं के तहत काम या यात्रा पर गए भारतीयों के लिए 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है। इसके साथ पार्थिव शरीर को भारत लाने का पूरा खर्च भी दिया जाता है, जो परिवारों को बड़ी राहत देता है।





